लगातार 48 घंटे से हो रही बारिश जिले में आफत बन गई है। अलग-अलग स्थानों पर पेड़, कच्ची दीवार और छत गिरने से हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कहीं राह चलते बाइक सवार पर पेड़ गिरा तो कहीं सो रहे लोगों पर विशालकाय पेड़ जा गिरा। कच्ची दीवार की चपेट में आने से भी एक महिला की जान चली गई। कुर्सी में स्कूल की जर्जर बाउंड्री गिरने से तीन लोग घायल हो गए। अन्य हादसों में भी कई लोग मलबे और पेड़ की चपेट में आकर घायल हुए।
बाइक सवार पर गिरा पेड़, दूध कारोबारी की मौत
सीतापुर के मानपुर मुर्तजा नगर गांव निवासी दूध कारोबारी संजय वर्मा (35) शनिवार को दूध बेचकर बाइक से घर लौट रहे थे। मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के बेलहरा स्थित झबरापुर गांव के पास अचानक आम का पेड़ उनकी बाइक पर गिर गया। हादसे में संजय की मौके पर ही मौत हो गई।
छप्पर पर गिरा इमली का पेड़, बुजुर्ग की मौत
रामसनेहीघाट क्षेत्र की ग्राम पंचायत मऊ के गढ़ी गांव में शुक्रवार रात तेज बारिश के दौरान इमली का विशाल पेड़ छप्पर पर गिर गया। छप्पर के नीचे सो रहे लाल बहादुर वर्मा (80), उनके भतीजे परमानंद वर्मा (52) और शिवप्रसाद वर्मा (58) गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान लाल बहादुर की मौत हो गई।
कच्ची दीवार की चपेट में आई महिला, मौत
रामनगर तहसील क्षेत्र के गोपालपुर मजरे सरदारगंज गांव में संदीप की पत्नी सुनीता देवी (38) घर से अहाते की ओर जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में एक ग्रामीण की कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। सुनीता मलबे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सुनीता के परिवार में बेटे रवि (17), आकाश (13) और बेटी प्रियंका (9) हैं।
कुर्सी में स्कूल की बाउंड्री गिरने से तीन घायल
कुर्सी कस्बे के प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री के पास रोजाना दूध की मंडी लगती है। शनिवार सुबह बारिश के दौरान बाउंड्री अचानक भरभराकर गिर गई। इसके पास खड़े नया का पुरवा गांव निवासी युसुफ (45), बहरौली निवासी अवधराम (48) और मुन्ना मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। युसुफ को गंभीर हालत में लखनऊ के निजी अस्पताल ले जाया गया। घटना के दौरान उधर से जा रहीं महमूदाबाद विधायक आशा मौर्या भी रुकीं और पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो साल पहले स्कूल के जर्जर भवन की नीलामी के बाद ठेकेदार भवन का मलबा ले गए थे, लेकिन जर्जर बाउंड्री को छोड़ दिया गया था। बारिश के दौरान यही बाउंड्री भरभराकर गिर गई।
