Muzaffarnagar में न्यायालय से जारी वारंटों की तामील और लंबे समय से अदालत में पेश नहीं होने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में Bhopа Police Operation Chakravyuh के तहत थाना भोपा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह वारंटियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने अलग-अलग गांवों में संभावित ठिकानों पर दबिश देकर इन आरोपियों को पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी पुराने मामलों में न्यायालय से संबंधित कार्रवाई के बावजूद लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे। ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत ऐसे वारंटियों की तलाश तेज की गई है, जो विभिन्न मुकदमों में न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहे थे।
भोपा थाना पुलिस की सात सदस्यीय टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने मोरना, सीकरी, बेलड़ा, बेहड़ा थ्रू और कासमपुरा समेत अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अलग-अलग गांवों में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश
पुलिस की कार्रवाई एक ही स्थान तक सीमित नहीं रही। वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए टीम ने अलग-अलग गांवों में संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई और इसके बाद दबिश दी। कार्रवाई के दौरान छह अलग-अलग मामलों से जुड़े वारंटियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार सभी व्यक्ति न्यायालय में विचाराधीन मामलों में वारंटी थे। लंबे समय से अदालत में पेश नहीं होने के कारण उनके खिलाफ जारी वारंटों की तामील के लिए पुलिस अभियान चला रही थी।
इस तरह की कार्रवाई में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती वारंटियों के संभावित ठिकानों की पहचान करना और उन्हें अचानक दबोचना होती है। भोपा पुलिस की टीम ने इसी रणनीति के तहत अलग-अलग गांवों में कार्रवाई की।
मोरना से दो वारंटी पुलिस के हत्थे चढ़े
पुलिस के अनुसार गांव मोरना से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें अकबर पुत्र अनवर और राजू पुत्र जगवीर सिंह शामिल हैं।
अकबर के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट से संबंधित मामला बताया गया है। वहीं राजू पुत्र जगवीर सिंह विद्युत अधिनियम से संबंधित मामले में वारंटी था।
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा पहले से कार्रवाई की जा रही थी। ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पुलिस टीम ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
सीकरी से वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के मामले में गिरफ्तारी
गांव सीकरी से पुलिस ने वसीम उर्फ वसी पुत्र कालू शेख को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक वसीम वन्य जीव संरक्षण अधिनियम से संबंधित मामले में वारंटी था।
वन्य जीव संरक्षण से जुड़े मामलों में कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। इस मामले में न्यायालय से संबंधित प्रक्रिया के दौरान आरोपी के वारंटी होने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत की गई कार्रवाई में वसीम को गिरफ्तार कर लिया गया।
बेलड़ा से आबकारी अधिनियम के मामले में सनोज गिरफ्तार
पुलिस कार्रवाई के दौरान गांव बेलड़ा से सनोज पुत्र सतपाल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार सनोज आबकारी अधिनियम से संबंधित मामले में वारंटी था।
आबकारी अधिनियम से जुड़े मामलों में भी न्यायालय की प्रक्रिया के दौरान जारी वारंटों की तामील पुलिस की जिम्मेदारी होती है। भोपा पुलिस की टीम ने संबंधित आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।
बेहड़ा थ्रू से जी एक्ट के मामले में गिरफ्तारी
गांव बेहड़ा थ्रू से पुलिस ने अंकुश पुत्र श्याम सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक अंकुश के खिलाफ जी एक्ट से संबंधित मामला था और वह न्यायालय से वारंटी चल रहा था।
पुलिस टीम ने संबंधित स्थान पर दबिश देकर अंकुश को हिरासत में लिया। इसके बाद उसके खिलाफ न्यायालय की प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की गई।
कासमपुरा से 7 सीएलए एक्ट और बलवा मामले का वारंटी पकड़ा
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत पुलिस को एक और सफलता गांव कासमपुरा में मिली। यहां से मनोज कुमार उर्फ काला पुत्र रुस्तम को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार मनोज कुमार उर्फ काला 7 सीएलए एक्ट और बलवा से संबंधित मामले में वारंटी था। लंबे समय से न्यायालय में पेश नहीं होने के कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस टीम ने उसके संभावित ठिकाने पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
छह गिरफ्तारियों में अलग-अलग धाराओं से जुड़े मामले
भोपा पुलिस की इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग कानूनों से जुड़े मामले हैं। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार इनमें छेड़छाड़ एवं मारपीट, विद्युत अधिनियम, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, आबकारी अधिनियम, जी एक्ट तथा 7 सीएलए एक्ट और बलवा से संबंधित मामले शामिल हैं।
इससे साफ है कि अभियान का फोकस किसी एक प्रकार के अपराध पर नहीं, बल्कि न्यायालय से जारी वारंटों की तामील पर था। पुलिस ने ऐसे आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया, जो संबंधित मामलों में लंबे समय से वारंटी बताए गए थे।
सात सदस्यीय पुलिस टीम ने संभाली कार्रवाई की कमान
पूरी कार्रवाई को थाना भोपा पुलिस की सात सदस्यीय टीम ने अंजाम दिया। टीम में उपनिरीक्षक पिंटू चौधरी, उपनिरीक्षक आकाश शर्मा और उपनिरीक्षक हसन अली शामिल रहे।
इनके साथ आरक्षी अजीत कुमार, आरक्षी हरेन्द्र सिंह, आरक्षी अनुपम यादव और आरक्षी विनोद कुमार भी कार्रवाई में शामिल रहे।
पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर आरोपियों की तलाश और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण रही।
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत वारंटियों पर बढ़ी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों में न्यायालय से जारी वारंटों की तामील भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अदालत में लंबित मामलों में यदि कोई वारंटी लगातार पेश नहीं होता है, तो उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई करती है।
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत भोपा पुलिस की यह कार्रवाई इसी क्रम का हिस्सा बताई गई है। अभियान के दौरान पुलिस द्वारा पुराने मामलों में लंबे समय से फरार या वारंटी चल रहे आरोपियों की जानकारी जुटाकर उनकी गिरफ्तारी की जा रही है।
इस तरह के अभियानों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि न्यायालय से संबंधित प्रक्रिया में लंबित वारंटों की तामील समय पर हो सके और संबंधित व्यक्ति अदालत की प्रक्रिया के सामने उपस्थित हो।
पुराने मुकदमों में कार्रवाई से पुलिस का फोकस साफ
भोपा पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपी अलग-अलग पुराने मामलों में वारंटी बताए गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि पुलिस केवल हाल की घटनाओं पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रही, बल्कि पुराने मामलों में लंबित न्यायालयी वारंटों की भी समीक्षा कर रही है।
किसी मुकदमे में वारंट जारी होने के बाद संबंधित आरोपी की गिरफ्तारी और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी प्रक्रिया के तहत पुलिस की टीमें लगातार वारंटियों की तलाश करती हैं।
मोरना से दो, जबकि सीकरी, बेलड़ा, बेहड़ा थ्रू और कासमपुरा से एक-एक गिरफ्तारी ने अभियान को कई गांवों तक पहुंचाया।
गांवों तक पहुंची पुलिस की कार्रवाई
इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि पुलिस टीम ने एक ही क्षेत्र में कार्रवाई करने के बजाय अलग-अलग गांवों में दबिश दी। मोरना, सीकरी, बेलड़ा, बेहड़ा थ्रू और कासमपुरा में पुलिस की मौजूदगी और कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि वारंटियों की तलाश के लिए अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसी आरोपी के संभावित ठिकाने तक पहुंचने के लिए पुलिस को स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने और लगातार निगरानी रखने की जरूरत होती है। वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए की जाने वाली कार्रवाई में अचानक दबिश की रणनीति भी महत्वपूर्ण होती है।
भोपा पुलिस की सात सदस्यीय टीम ने इसी तरह अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए छह गिरफ्तारियां कीं।
न्यायालय में लंबित मामलों में आगे बढ़ेगी कानूनी प्रक्रिया
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ अब संबंधित कानूनी और न्यायालयीय प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होना या वारंट जारी होना अपने आप में दोष सिद्ध होने के समान नहीं है। अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय की प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर होता है।
भोपा पुलिस की कार्रवाई का तत्काल उद्देश्य न्यायालय से जारी वारंटों की तामील करना और संबंधित आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के सामने प्रस्तुत करना है।
इस लिहाज से पुलिस की ओर से की गई गिरफ्तारी को लंबित न्यायालयी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के हिस्से के रूप में देखा जा सकता है।
ऑपरेशन चक्रव्यूह में आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
छह वारंटियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का विशेष अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है। ऐसे अभियानों में पुलिस आमतौर पर लंबित वारंटों की सूची के आधार पर आरोपियों की पहचान करती है और उनके संभावित ठिकानों पर कार्रवाई करती है।
भोपा क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि पुलिस टीम ने अलग-अलग गांवों में वारंटियों की तलाश को लेकर सक्रियता दिखाई। आने वाले समय में लंबित वारंटों के आधार पर अन्य मामलों में भी पुलिस कार्रवाई कर सकती है।
पुलिस की कार्रवाई से जुड़े छह नाम
भोपा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए छह वारंटियों में मोरना निवासी अकबर पुत्र अनवर, मोरना निवासी राजू पुत्र जगवीर सिंह, सीकरी निवासी वसीम उर्फ वसी पुत्र कालू शेख, बेलड़ा निवासी सनोज पुत्र सतपाल, बेहड़ा थ्रू निवासी अंकुश पुत्र श्याम सिंह और कासमपुरा निवासी मनोज कुमार उर्फ काला पुत्र रुस्तम शामिल हैं।
इनमें अकबर पर छेड़छाड़ और मारपीट से संबंधित मामला, राजू पर विद्युत अधिनियम, वसीम पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, सनोज पर आबकारी अधिनियम, अंकुश पर जी एक्ट तथा मनोज कुमार उर्फ काला पर 7 सीएलए एक्ट और बलवा से संबंधित मामला बताया गया है।
भोपा पुलिस की कार्रवाई से सामने आया अभियान का व्यापक दायरा
एक ही कार्रवाई में अलग-अलग गांवों से छह वारंटियों की गिरफ्तारी पुलिस अभियान के व्यापक दायरे को दर्शाती है। कार्रवाई में शामिल सात सदस्यीय टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत की गई यह कार्रवाई न्यायालय से जुड़े लंबित वारंटों की तामील की दिशा में एक महत्वपूर्ण पुलिस कार्रवाई है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अब संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
भोपा पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत छह वारंटियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी अलग-अलग पुराने मामलों में न्यायालय से वारंटी थे और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे। मोरना, सीकरी, बेलड़ा, बेहड़ा थ्रू और कासमपुरा में की गई कार्रवाई के दौरान इनकी गिरफ्तारी हुई। पुलिस की सात सदस्यीय टीम में उपनिरीक्षक पिंटू चौधरी, उपनिरीक्षक आकाश शर्मा, उपनिरीक्षक हसन अली तथा आरक्षी अजीत कुमार, हरेन्द्र सिंह, अनुपम यादव और विनोद कुमार शामिल रहे। गिरफ्तार आरोपियों के संबंध में आगे की कार्रवाई संबंधित न्यायालयीय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
