खुदाई के बाद सड़क पर ही छोड़ दी गई मिट्टी से सोमवार सुबह हुई बारिश ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी। गलियों में पानी भरा तो घर से बाहर निकले लोगों की परेशानी बढ़ गई। गंदे पानी से होकर उन्हें ऑफिस, बाजार और स्कूल जाना पड़ा। सावन के चौथे सोमवार को मंदिर जाने वाली महिलाओं को कीचड़ और गंदे पानी भरे रास्तों से होकर निकलना पड़ा।
अवधपुरी, दौरेठा, बसई, इंद्रापुरम, टेढ़ी बगिया, दिल्ली गेट, मारुति एस्टेट से साकेत कॉलोनी के बीच लोगों को कीचड़ भरे रास्तों पर दिक्कत ज्यादा रही। शहर में 12 किमी लंबी पांच प्रमुख सड़कों पर मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। यहां यूटिलिटी डक्ट, सीवर, पानी की पाइपलाइनें बिछाई जा रही हैं। इस वजह से सड़कों की खुदाई होने के कारण मिट्टी के ढेर जगह-जगह लगे हैं।
बसई से इंद्रापुरम, दिल्ली गेट से हरीपर्वत, टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार, सुभाष पार्क से मारुति एस्टेट और अमर होटल से इंद्रापुरम के बीच खुदाई के बाद छोड़ी गई मिट्टी ने सोमवार को लोगों को परेशान कर दिया। यही हाल दौरेठा, अवधपुरी क्षेत्र की गलियों का रहा, जहां पानी भर जाने से लोगों को घर से निकलते ही मुसीबत झेलनी पड़ी।
दौरेठा निवासी अनिल तिवारी ने बताया कि नालियों की सफाई न होने से गंदा पानी भर रहा है। नालियां ऊंची और गलियां नीची हैं। दौरेठा निवासी रमेश चंद्र ने बताया कि मंदिर जाने के लिए गंदे पानी से होकर निकलना पड़ा। शहीद नगर निवासी मो. सोहेल ने बताया कि तीन महीने से खुदाई करके सड़क ऐसे ही छोड़ दी है। पूरा बारिश का सीजन कीचड़ और दलदल से जूझते हुए बीता है। गिट्टियां भी नहीं डाली गईं।
अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार का कहना है कि जिन जगहों पर पानी भरने की शिकायत आई है, उन जगहों के संबंधित सेनेटरी इंस्पेक्टरों से नालियों की सफाई के साथ गलियों में भरे पानी की निकासी कराने के लिए कहा गया है। कीचड़ वाली जगहों पर मिट्टी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
