मेरठ के जिस मकान में नीला ड्रम हत्याकांड हुआ था बृहस्पतिवार को उसकी सील पुलिस ने खोल दी। सौरभ की मां रेनू देवी और भाई राहुल उर्फ बबलू उनका सामान तो ले गए, लेकिन वे पीहू और मुस्कान का सामान वहीं छोड़ गए।
पुलिस ने घर के एक-एक सामान और तस्वीरों को देखा तो पता चला कि घर में किसी तस्वीर में सौरभ नहीं है। जब पुलिस ने इस बारे में परिजनों से पूछा तो उन्होंने बताया कि मुस्कान नहीं चाहती थी कि उसकी बेटी पीहू अपने पिता सौरभ से प्यार करे।
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वह बेड, जिस पर सौरभ की हत्या की गई।
– फोटो : अमर उजाला
वह पीहू की जिंदगी से सौरभ को पूरी तरह गायब कर वहां अपने प्रेमी साहिल की जगह बनाना चाहती थी, ताकि बच्ची केवल साहिल को याद रखे। इस किराये के मकान में पीहू के खिलौने, कपड़े, पालना और झूला तो मौजूद हैं लेकिन पूरे परिवार की एक भी तस्वीर या निशानी नहीं है।
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मकान खोलती पुलिस और सौरभ का भाई बबलू।
– फोटो : अमर उजाला
पीहू की किताबों और घर में मिली तस्वीरों में कहीं भी सौरभ का चेहरा नहीं है। यहां तक कि पीहू की ड्राइंग कॉपी में सिर्फ मां-बेटी के स्केच बने हैं और कमरे की दीवारों पर पीहू द्वारा बनाई गई चाइल्डहुड पेंटिंग्स से भी पूरा परिवार गायब है।
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मुस्कान और सौरभ की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आधिकारिक दस्तावेजों से भी काटा नाम
दस्तावेजों पर पीहू का असली नाम अमायरा रस्तोगी दर्ज है, लेकिन इनमें भी कहीं पिता सौरभ का नाम नहीं है। मुस्कान लगातार पीहू को सौरभ से दूर रखती थी और उसे साहिल के साथ खेलने के लिए प्रेरित करती थी।
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मुस्कान और सौरभ की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सलाखों के पीछे बंद मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल फांसी के फंदे से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे चुके हैं। दोनों वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से लगातार संपर्क में हैं और हाईकोर्ट में अपील दायर करने की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी ले रहे हैं। इस बीच आरोपी मुस्कान जेल प्रशासन से लगातार बेटी पीहू से मिलने की मांग भी कर रही है।