समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी की प्रत्येक विधानसभा में वर्ष 2027 के लिए 27 हजार वोट बढ़ाएंगे, भाजपा का इतना ही वोट कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्र में सपा में दूसरी पार्टी के कुछ बड़े नेता शामिल होंगे। उन्हें शुभ मुहूर्त में शामिल कराया जाएगा। महिलाओं को 40 हजार पेंशन के अलावा दो लाख रुपये कारोबार के लिए देंगे। किसानों को एथनॉल और चीनी के मुनाफे में हिस्सेदारी मिलेगी।

सपा अध्यक्ष ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा सरकार में हर वर्ग दुखी है। भाजपा सरकार के 10 वर्ष में बाबा साहब की 151 से ज्यादा मूर्तियां तोड़ी गई। ये संविधान नहीं बदल पाए, तो प्रतिमा में संविधान वाले हाथ पर हमला कर रहे हैं।

अखिलेश ने कहा कि 72 जिलों में प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त की गईं। अगर औसत निकाला जाए तो हर साल 15 से ज्यादा प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त की गईं, मगर 14 मामलों में ही गिरफ्तारी हुई। 45 में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर, 8 में नामजद, 84 मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर बाबा साहब और उनके अनुयायियों को पूरा सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स को ये नौकरी दे रहे हैं और किसी को नही। विरोधियों के खिलाफ वीडियो बनवा रहे हैं, हमारी वीडियो में गरिमा तो है।

अखिलेश ने कहा कि हमे बदनाम करने के लिए भाजपा ने 50 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा यूपी में पेपर लीक हुए। आरक्षण न देना पड़े इसलिए लेटरल इंट्री व आउटसोर्स भर्तियां हो रही हैं। पीडीए अफसरों को अच्छी तैनाती नहीं देते। चुनाव संबंधी काम में 10 प्रतिशत भी पीडीए समाज के अधिकारी नहीं है। चुनाव के समय यह संख्या जीरो हो जाएगी। ये सरकार आरक्षण छीन रही है।

अखिलेश की मौजूदगी में एटा-कासगंज के नेताओं में झड़प, जिला इकाइयां भंग

सपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में एटा और कासगंज के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। अखिलेश यादव ने इस पर नाराजगी जताई और डांटा कर शांत कराया। इसके बाद दोनों जिलों की सभी इकाइयां भंग कर दी गईं। बैठक में शामिल सूत्र बताते हैं कि बैठक में एटा और कासगंज के करीब 250 वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान एटा जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र सिंह यादव और सपा नेता मंजीत यादव के बीच बहस हो गई। उनके समर्थक भी इस झड़प में शामिल होकर एक-दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप लगाने लगे। इससे खासा हंगामे की स्थिति पैदा हो गई।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *