पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिजनों द्वारा संचालित जौहर ट्रस्ट की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि लखनऊ, दिल्ली, नोएडा और मुंबई के कई भवन निर्माताओं ने ट्रस्ट को चंदा दिया था। यह चंदा शेल कंपनियों के माध्यम से जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए रकम के रूप में दिया गया था।

ईडी अब मनी ट्रेल से कंपनियों और भवन निर्माताओं की पहचान कर उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजेगी। ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों को भी रक्षाबंधन के बाद पेश होने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, बीते सप्ताह जौहर ट्रस्ट के ठिकानों पर हुई ईडी की छापेमारी में लेनदेन के सुराग मिले हैं। 

नामचीन भवन निर्माताओं का नाम शामिल होने का संदेह

अधिकारियों का मानना है कि आजम खां के प्रभाव के कारण भवन निर्माताओं ने ट्रस्ट को चंदा दिया। अब तक की पड़ताल में ऐसी कंपनियों से करीब 15 करोड़ रुपये मिलने के संकेत हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, रकम को कई कंपनियों के माध्यम से रूट किया गया, ताकि वास्तविक नाम छिपा रहे। इनमें उत्तर प्रदेश के कई नामचीन भवन निर्माताओं के शामिल होने का संदेह है। जौहर ट्रस्ट की जांच में करीब 450 करोड़ रुपये की धनराशि का हिसाब नहीं मिल सका था।

शेल कंपनियों से चंदा

ईडी की जांच में सामने आया है कि लखनऊ, दिल्ली, नोएडा और मुंबई के भवन निर्माताओं ने चंदा दिया। यह चंदा जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए शेल कंपनियों के जरिये दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि आजम खां के प्रभाव के कारण भवन निर्माताओं ने यह रकम दी। करीब 15 करोड़ रुपये ऐसी कंपनियों से मिलने के संकेत हैं।

पर्चियों से वसूली की जांच

ईडी उन पर्चियों की भी जांच कर रहा है, जिनके जरिये वसूली की गई थी। विभागीय अधिकारियों, निर्माण कंपनियों और ठेकेदारों से चंदा जुटाया गया। ट्रस्ट के कर्मचारियों ने बताया कि यूनिवर्सिटी के लिए पर्चियों का इस्तेमाल होता था। रामपुर के कुछ शैक्षणिक संस्थानों ने भी लाखों रुपये चंदा दिया था, जिनसे अब दोबारा पूछताछ होगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *