रोडवेज ने ईंधन खर्च को कम करने और प्रवर्तन कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की पहल की है। प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने प्रत्येक परिक्षेत्र में बसों की जांच के लिए सिर्फ एक स्क्वॉएड व प्रत्येक प्रवर्तन दल में एक ही चालक को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। प्रवर्तन कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने बगैर बॅाडी वॉर्न कैमरे के कोई भी निरीक्षण नहीं करने की हिदायत दी है। नई व्यवस्था एक माह की परीक्षण अवधि के लिए लागू की गई है।
प्रदेश के सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों व सेवा प्रबंधकों को रविवार को जारी निर्देश के मुताबिक अब प्रवर्तन दलों में कार्यरत अतिरिक्त कार्मिक अपने मूल पद के अनुरूप कार्य करेंगे। क्षेत्रीय प्रबंधक यह सुनिश्चित करेंगे कि हटाए गए कार्मिकों से उनके मूल पद के अनुसार कार्य लिया जाए। यातायात अधीक्षक और निरीक्षकों को भी कार्यालय कार्य सौंपा जाएगा और यातायात अधीक्षक स्टेशन संबंधी कार्य देखेंगे। निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक क्षेत्रीय प्रबंधक के अधीन भी सिर्फ एक प्रवर्तन दल संचालित होगा जिसमें उत्कृष्ट कार्य और अनुशासन वाले कार्मिक ही तैनात किए जाएंगे।
पर्यवेक्षण और जवाबदेही तय
प्रबंध निदेशक ने क्षेत्रीय प्रबंधक, सेवा प्रबंधक और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को खुद प्रवर्तन कार्यों का संचालन और पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। निगम के नोडल अधिकारी अपने क्षेत्रों की विशेष निगरानी करेंगे और जरूरत पर औचक निरीक्षण भी करेंगे। परीक्षण अवधि के दौरान क्षेत्रीय नोडल अधिकारी प्रवर्तन वाहनों का उपयोग कर सकेंगे। यह सुनिश्चित करना क्षेत्रीय प्रबंधक की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने चालकों-परिचालकों से बिना चेकिंग व्यवस्था के भी बेहतर राजस्व अर्जित करने की अपेक्षा की है। उन्होंने शासन स्तर से भी न्यूनतम वाहन उपयोग और स्वानुशासन को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है।
