नई दिल्ली के रामलीला मैदान में लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के संकल्प के साथ होने वाली महारैली में उत्तर प्रदेश से करीब एक लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि करीब 25 हजार से ज्यादा लोग शनिवार शाम तक दिल्ली पहुंच गए हैं। कुछ जिलों से कार्यकर्ता दोपहर बाद निकले हैं, जो सुबह तक पहुंच जाएंगे।
नई दिल्ली में हो रही महारैली को लेकर पार्टी ने ताकत झोंक दी थी। सभी जिलाध्यक्षों एवं शहर अध्यक्षों को महारैली में कार्यकर्ताओं को ले जाने का जिम्मा दिया गया। दिल्ली के वार रूम से उत्तर प्रदेश मुख्यालय स्थित कनेक्ट सेंटर (कांग्रेस वार रूम) के माध्यम से पार्टी के सभी फ्रंटल संगठनों, विभागों, सभी छह जोनों की तैयारियों की लगातार समीक्षा की गई। पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम का दावा है कि एक लाख से अधिक कार्यकर्ता सुबह तक पहुंच जाएंगे। शनिवार शाम तक करीब 50 हजार कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे हैं। इसके अलावा सिविल सोसाइटी, सामाजिक संगठनों तथा प्रबुद्ध जन भी हिस्सा ले रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’का कहना है कि यह रैली उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में सत्ता परिवर्तन के लिए लहर पैदा करेगी।
दोपहर 12 बजे से जुटने की अपील
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने समर्थकों से एक नवंबर को दोपहर 12 बजे सीपी जंक्शन (कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड) पर जुटने की अपील की है। यहां से रामलीला मैदान तक मार्च प्रस्तावित है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने केवल मैदान में रैली की अनुमति दी है, मार्च की नहीं। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के अनुसार, मार्च के लिए कांग्रेस की ओर से अनुमति का कोई आवेदन नहीं मिला है। पुलिस इस संबंध में आयोजकों के संपर्क में है।
मरीजों के लिए सुरक्षित रास्ता रखा जाएगा
रैली के दौरान आम लोगों, मरीजों और यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस की सेंट्रल रेंज के डीसीपी के. रमेश ने बताया कि एलएनजेपी और जीबी पंत अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों के लिए रास्ता सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि एंबुलेंस और अन्य वाहन बिना रुकावट पहुंच सकें। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए भी स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और संबंधित एजेंसियां मिलकर अलग कॉरिडोर तैयार कर रही हैं।
14 जोन में बांटा गया मैदान, जंतर-मंतर जाने पर रोक
सुरक्षा व्यवस्था के तहत रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया है। पुलिस की ओर से रैली के लिए निर्धारित 14 शर्तों के अनुसार, किसी भी कार्यकर्ता को जंतर-मंतर जाने या मैदान से बाहर जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। रैली सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित होगी और निर्धारित समय तक समाप्त करनी होगी। मैदान या आसपास रात में रुकने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा भड़काऊ भाषण देने और सार्वजनिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयानों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

