इस बार प्रदेश की लाखों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की दिवाली पहले से अधिक खुशियों के साथ मनेगी। योगी सरकार ने त्योहार से पहले उनके मानदेय में बढ़ोतरी कर लाखों परिवारों को उपहार दिया है। लंबे समय से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की जिम्मेदारी निभा रहीं इन कर्मियों को अब बढ़ा हुआ मानदेय मिल रहा है। कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। इससे कार्यकर्ताओं को हर महीने 4 हजार और सहायिकाओं को 2 हजार रुपये अतिरिक्त मिल रहे। बढ़ी हुई आमदनी से जहां घर का बजट मजबूत होगा, वहीं त्योहार की तैयारियों में भी आसानी होगी।
परिवार को 5 लाख तक कैशलेस इलाज, तीन साड़ियों का भी मिलेगा लाभ
योगी सरकार ने करीब 3.35 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं व परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। अब उन्हें अपने परिवार के साथ हर साल 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का प्रावधान है। सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में जरूरत होने पर इसका लाभ ले सकती हैं। इसके अलावा अब तक मिलने वाली दो साड़ियों के स्थान पर तीन साड़ियां दी जाएंगी। इसके लिए 500 रुपये अतिरिक्त उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। इस पर सरकार करीब 20 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इन सुविधाओं से त्योहार की खुशियों के साथ परिवार की स्वास्थ्य संबंधी चिंता कम करने में भी मदद मिलेगी।
स्मार्टफोन और अपने भवन से आधुनिक होंगे आंगनवाड़ी केंद्र
आंगनवाड़ी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए सरकार तकनीकी सुविधाओं का भी विस्तार कर रही है। पहले चरण में 1,23,398 स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जा चुके हैं इसके बाद रिप्लेसमेंट पॉलिसी के तहत 69,803 और स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए। इससे बच्चों के पोषण और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारियां रियल टाइम में दर्ज करना आसान हुआ। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी रखा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन कर्मियों की भूमिका को बच्चों के भविष्य की नींव बताते हुए उनके योगदान की सराहना की है। कोरोना काल में भी इन महिलाओं ने गांव-गांव पहुंचकर स्क्रीनिंग और संक्रमित लोगों की सेवा में अहम भूमिका निभाई थी। मानदेय वृद्धि, परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा और कार्यसुविधाओं का विस्तार इस बात का संकेत है कि सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों के योगदान के साथ उनके परिवारों की खुशहाली को भी महत्व दे रही है। इस बार उनके घरों में दिवाली के दीये बढ़ी आमदनी और सुरक्षा के भरोसे के साथ और अधिक रोशनी बिखेरेंगे।
हर महीने मिल रहा आर्थिक संबल
अपर मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग लीना जौहरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार 1,75,982 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 1,70,656 सहायिकाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता से कार्य रही है। मानदेय में वृद्धि से उन्हें हर महीने अतिरिक्त आर्थिक संबल मिल रहा है। इसके साथ ही परिवार को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्णय उनके जीवन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। सरकार का प्रयास है कि बच्चों के पोषण और देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली इन कर्मियों को बेहतर सुविधाएं और सम्मान मिले।
पहले से बेहतर होगी परिवार की आर्थिक स्थिति
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सावित्री ने कहा कि मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी खुशी की बात है। हर महीने 4 हजार रुपये अतिरिक्त मिलने से घर के खर्च और बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। दिवाली के समय सरकार की इस सौगात से हमारी खुशियां दोगुनी हो गई हैं। वहीं सीमा ने कहा कि मानदेय बढ़ने के साथ पूरे परिवार को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलना बहुत महत्वपूर्ण है। कई बार बीमारी के समय परिवार के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो जाती है। अब इस सुविधा से बड़ी राहत मिलेगी। सरकार ने हमारी मेहनत और जिम्मेदारियों को महत्व दिया है।
2017 के मुकाबले चार गुना हुआ मानदेय, घरों में बढ़ेगी आर्थिक खुशहाली
योगी सरकार ने वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद से आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में लगातार बढ़ोतरी की है। उस समय कार्यकर्ताओं को तीन हजार और सहायिकाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। अब कार्यकर्ताओं को 12 हजार और सहायिकाओं को छह हजार रुपये मिलेंगे। यानी शुरुआती मानदेय की तुलना में दोनों श्रेणियों में चार गुना वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी इन महिलाओं के लिए आर्थिक मजबूती के साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करने में अतिरिक्त मददगार बनेगी। दिवाली के मौके पर बढ़ा हुआ मानदेय उनके लिए सरकार की ओर से विशेष सौगात बनकर आया है।

