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akhilesh yadav
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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समाजवादी पार्टी ने अपनी छात्र विंग की ड्रेस का रंग नीला यूं ही नहीं किया है। राजनीतिक गलियारों में इसे महज संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सपा की रणनीतिक चाल माना जा रहा है।
आंबेडकरवादी मतदाताओं के बीच नीले रंग के भावनात्मक जुड़ाव को देखते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की नजर इस वर्ग पर है। अखिलेश यादव की रणनीति भी इसी दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।
इसका मुख्य उद्देश्य सपा के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले में ‘डी’ यानी दलित वर्ग की भागीदारी को केवल चुनावी नारा न रखकर जमीन पर उतारना है। विरोधी दल सपा पर दलितों को सांकेतिक महत्व देने का आरोप लगाते रहे हैं।

