प्रदेश सरकार ने जनता को उनके घर के पास पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध डिजिटल सेवाएं देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य में जल्द ही कॉमन सर्विस सेंटर 4.0 परियोजना लागू होने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के हर जिले में खुली और प्रतिस्पर्धी ई-निविदा प्रक्रिया के जरिए 2 डिस्ट्रिक्ट सर्विस प्रोवाइडर का चयन होगा। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया प्रस्तावित सीएससी 4.0 योजना के तहत राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम दो जनसेवा केंद्र संचालित किए जाएंगे। इनमें से एक जनसेवा केंद्र को अनिवार्य रूप से पंचायत सचिवालयों में पंचायत सहायक के माध्यम से चलाया जाएगा। ये भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में काम कर रहे योग्य वीएलई ( विलेज लेवल इंटरप्रैन्योर्स) की सेवाएं जारी रहेंगी। नई व्यवस्था में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। ये पूरी योजना पीपीपी मॉडल पर संचालित की जाएगी, जिससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। शुरुआत में इस परियोजना की अवधि तीन वर्ष तय की गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर अगले दो वर्षों के लिए और बढ़ाया जा सकेगा।
सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस राज्य स्तरीय नोडल संस्था के रूप में नीति निर्धारण, तकनीकी मानकीकरण और मॉनिटरिंग का काम संभालेगी। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के तकनीकी उन्नयन और आधुनिक डिजिटल सुविधाओं के एकीकरण को सुनिश्चित करेगा। डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी जिला स्तर पर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने और उसकी निगरानी करने के लिए जिम्मेदार होगी।
