{“_id”:”6ae18c4dc55cebefa70488a7″,”slug”:”up-mlc-elections-akhilesh-raises-questions-alleging-irregularities-in-vote-counting-2026-10-28″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”यूपी एमएलसी चुनाव: मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाकर अखिलेश ने उठाए सवाल, शिक्षकों के अपमान का भी किया जिक्र”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
– फोटो : amar ujala
विस्तार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एमएलसी चुनाव में डॉ. संजयन त्रिपाठी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी और साजिश के जरिए सपा प्रत्याशी को हराने का आरोप लगाया। कहा कि इस मामले में भाजपा के नेताओं, उनके सहयोगियों और कथित तौर पर संलिप्त अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि डॉ. संजयन त्रिपाठी को हराने की साजिश सबके सामने आ गई है। इसके पीछे सिर्फ यह वजह नहीं है कि डॉ. त्रिपाठी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं, बल्कि उन्होंने इसके लिए ‘हाता नहीं भाता’ का भी जिक्र किया। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी वोट से नहीं, बल्कि खोट से जीतती है। हालांकि, मतगणना में गड़बड़ी और साजिश से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती है।
शिक्षकों के अपमान का मुद्दा उठाया
सपा अध्यक्ष ने डॉ. संजयन त्रिपाठी के कथित उत्पीड़न और उनके आंसुओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षक समाज इस घटना को नहीं भूलेगा। भाजपा के शासन में शिक्षकों को अपमान का सामना करना पड़ा है। उन्होंने शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने जैसे काम करवाने के कथित षड्यंत्र का भी आरोप लगाया और कहा कि शिक्षक इसे याद रखेंगे।
2027 के विधानसभा चुनाव का किया जिक्र
अखिलेश यादव ने अपने बयान में 2027 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। कहा कि शिक्षक भाजपा को हराकर अपना ‘गुरु संकल्प’ पूरा करेंगे। भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि उसकी ‘चार सौ बीसी’ 403 सीटों पर नहीं चलेगी।
डॉ. त्रिपाठी के समर्थन में खड़े रहने की बात
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी डॉ. संजयन त्रिपाठी और उनके समाज के साथ हो रहे कथित अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। उनके इस बयान से एमएलसी चुनाव की मतगणना को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज होने के संकेत हैं। मतगणना से संबंधित आरोपों पर संबंधित चुनाव अधिकारियों या भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
