प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी है। इस बार मतदान केंद्रों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। विशेष सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप के जरिये कंट्रोल रूम से हर बूथ की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इससे फर्जी मतदान रोकने में मदद मिलेगी।
मतदान के दौरान किस केंद्र पर कितने वोट पड़े, कितनी महिलाओं और पुरुषों ने मतदान किया और पहला वोट कितने बजे पड़ा, जैसी जानकारी तुरंत ऑनलाइन उपलब्ध होगी। राज्य स्तर के कंट्रोल रूम में मतदान प्रतिशत लगातार अपडेट होता रहेगा। इससे मतदान खत्म होते ही प्रदेश भर का आंकड़ा आसानी से मिल सकेगा।
प्रत्येक मतदान कर्मी के मोबाइल फोन में पंचायत चुनाव का विशेष एप रहेगा। इसमें संबंधित बूथ की वोटर लिस्ट अपलोड होगी। मतदाता के पहुंचने पर उसके स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) के अंतिम चार अंक दर्ज करते ही उसका पूरा विवरण और फोटो स्क्रीन पर दिखाई देगी। पहचान सत्यापित होने के बाद वोटिंग का डाटा तुरंत अपडेट कर दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति दूसरी जगह दोबारा मतदान करने पहुंचेगा तो सिस्टम तुरंत अलर्ट कर देगा। पंचायत चुनाव में यह व्यवस्था सफल होने पर निकाय चुनावों में भी लागू किया जाएगा।
