डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 92वें दीक्षांत समारोह में पश्चिमपुरी निवासी नरेंद्र सिंह को चार स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद वर्ष 2015 से 2018 तक आईटी सेक्टर में नौकरी करने वाले नरेंद्र ने अपने मन की सुनते हुए कॅरिअर की दिशा बदली। अर्थशास्त्र में ऐसी सफलता हासिल की कि दीक्षांत समारोह में सबसे अधिक चार स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिए।
नरेंद्र ने आरबीएस डिग्री कॉलेज से एमए (अर्थशास्त्र) में 9.2 सीजीपीए प्राप्त किया। उनका कहना है कि बीटेक के दौरान पढ़ाए गए बेसिक इकनॉमिक्स विषय ने ही उनके भीतर अर्थशास्त्र के प्रति रुचि पैदा की। नौकरी के दौरान जब मन नहीं लगा तो उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाना शुरू किया और फिर अर्थशास्त्र में उच्च शिक्षा हासिल करने का निर्णय लिया। यही फैसला उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
दीक्षांत समारोह में नरेंद्र सिंह को सुंदर लाल मेहरा स्मृति, चंद्रावती कपूर शिक्षा फाउंडेशन, चौधरी चरण सिंह स्मृति और डॉ. राम मनोहर लोहिया स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। नरेंद्र के पिता आरपी सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त हैं, जबकि बड़े भाई प्रदीप कुमार परिषदीय विद्यालय में शिक्षक हैं। नरेंद्र अब अर्थशास्त्र में पीएचडी कर असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं। वह यूजीसी-नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं और पीएचडी प्रवेश परीक्षा भी पास कर चुके हैं।
भाई बोले- नरेंद्र बचपन से मेधावी
दीक्षांत समारोह में नरेंद्र अपने बड़े भाई प्रदीप कुमार के साथ पहुंचे। प्रदीप कुमार ने कहा कि आज पूरे परिवार के लिए बेहद गर्व का दिन है। नरेंद्र बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहा है। उसकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज वह विश्वविद्यालय का गोल्डन बॉय बनकर चार प्रतिष्ठित स्वर्ण पदकों से सम्मानित हुआ है। नरेंद्र सिंह की उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने मनपसंद क्षेत्र में आगे बढ़ने का साहस रखते हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि रुचि और मेहनत का सही मेल किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है।
