रक्षाबंधन पर यात्रियों की भारी भीड़ के अंदेशे को देखते हुए परिवहन निगम ने सड़क और महिला-बाल सुरक्षा के लिहाज से कड़े कदम उठाए हैं। अब ड्यूटी से पहले हर चालक और परिचालक का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट होगा। अनुबंधित बसों के चालक-परिचालकों का पुलिस और चरित्र सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। जबकि वर्कशॉप से फिटनेस प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही बसों को सड़क पर उतारा जाएगा। इसके साथ ही, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि पर्व पर संचालित होने वाली सभी बसों की जांच की जाएगी। खराब या असुरक्षित बस को किसी भी स्थिति में संचालन में नहीं लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को इस व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ड्यूटी लगाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी चालक-परिचालक या कर्मचारी नशे की हालत में ड्यूटी पर न आए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। त्योहार के दौरान अनुबंधित बसों के संचालकों को अपने सभी चालक और परिचालकों का पुलिस और चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सत्यापन से संबंधित रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना होगा।
क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को बसों के संचालन की ऑनलाइन निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर भी ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक रहेगी। जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय कर सड़क सुरक्षा, रूट डायवर्जन और यातायात नियमों का पालन कराया जाएगा। बसों की निर्धारित गति सीमा का भी सख्ती से पालन कराने को कहा गया है।