राम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के बीच एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, चोरी का मामला उजागर होने से पहले प्रतिदिन राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में औसतन 16 से 18 लाख रुपये दान के रूप में जमा हो रहे थे। वहीं, प्रकरण सामने आने के बाद यही राशि बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। इसी आधार पर आशंका जताई जा रही है कि पहले प्रतिदिन करीब 6 से 8 लाख रुपये की दानराशि में अनियमितता हो रही थी।


एसआईटी ने इस पहलू को भी अपनी जांच का हिस्सा बनाया है। हालांकि, चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। राम जन्मभूमि मंदिर के सिंह द्वार स्थित यात्री सहायता केंद्र के दान काउंटरों पर श्रद्धालु पहले की तरह ही नकद और यूपीआई के माध्यम से दान कर रहे हैं। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, केवल एक दान काउंटर से प्रतिदिन 60 हजार से एक लाख रुपये तक दान प्राप्त होता है। अवकाश और विशेष अवसरों पर यही राशि बढ़कर दो लाख रुपये तक पहुंच जाती है। मंदिर परिसर में ऐसे करीब 10 दान काउंटर संचालित हैं, जहां सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक दान स्वीकार किया जाता है।

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सूत्रों का कहना है कि बैंक में जमा होने वाली राशि में अचानक आई वृद्धि ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है। एसआईटी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पहले और अब जमा हो रही राशि में इतना अंतर क्यों है और कहीं यह अंतर दानराशि के कथित गबन या चोरी से तो जुड़ा नहीं है। राम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त दानराशि एसबीआई और पंजाब नेशनल बैंक के खातों में जमा की जाती है। जांच एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, दान काउंटरों के हिसाब-किताब और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।



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