राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी और उनके परिजनों के नाम मिली संपत्तियों की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच रही है। इन संपत्तियों की खरीद यदि चोरी के पैसों से होने की पुष्टि होती है तो पुलिस न्यायालय की अनुमति लेकर उन्हें जब्त कराने की कार्रवाई कर सकती है।

राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चोरी के आरोपियों ने अनियमितता करके संपत्तियां भी बनाई हैं। पूर्व में आरोपियों के पास से तीन कार, एक बाइक, जेवर के अलावा बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हो चुकी है। अब पुलिस आरोपियों के अलावा उनसे जुड़े लोगों के नाम खरीदी गई संपत्तियों की पड़ताल कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी में खरीदे गए एक मकान को विवेचना में शामिल किया गया है। इसी तरह लवकुश मिश्रा की पत्नी के नाम सहादतगंज क्षेत्र में खरीदे गए प्लॉट और उस पर कराए जा रहे निर्माण की भी जांच हो रही है।

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अविनाश शुक्ला के भाई के नाम सरियांवा क्षेत्र में खरीदी गई जमीन और मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के बेटे के नाम सहादतगंज में खरीदी गई जमीन भी जांच एजेंसी की रडार पर हैं। इन सभी संपत्तियों की रजिस्ट्री, भुगतान के तरीके, बैंक लेनदेन और संबंधित लोगों की आय के स्रोत का मिलान किया जा रहा है। पुलिस पता लगा रही है कि कहीं अपराध से अर्जित धन को अचल संपत्तियों में निवेश कर उसे वैध स्वरूप देने का प्रयास तो नहीं किया गया।

न्यायालय की अनुमति के बाद होगी कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, संपत्तियों के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस सक्षम न्यायालय में संपत्ति की कुर्की या जब्ती के लिए आवेदन करती है। न्यायालय के आदेश के बाद ही संपत्ति को जब्त किया जा सकता है। यदि सुनवाई के दौरान यह सिद्ध हो जाता है कि संपत्ति अपराध की कमाई से अर्जित की गई थी, तो उसे कानूनी रूप से सरकार के अधिकार में लेने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।



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