मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि कोडीनयुक्त कफ सिरप की आपूर्ति एवं बिक्री की निगरानी हेतु ऑफलाइन की जगह ऑनलाइन व्यवस्था बनाएं। स्टॉक रखने के स्थान का भौतिक सत्यापन अवश्य कराया जाए। फर्जी फर्मों, अवैध भंडारण या बिक्री में लिप्त पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। वहीं जिलों में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की निर्धारित संख्या में बैठकें नहीं करने वाले जिलों पर सख्ती की जाए। वह सोमवार को एनकॉर्ड की राज्य स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के सेवन एवं उनके क्रय-विक्रय में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करें। जिलों में होने वाली बैठकों में आरोपियों की गिरफ्तारी, उनकी संपत्तियां जब्त करने की स्थिति, अफीम की फसलों का भौतिक सत्यापन, नशा मुक्ति केंद्रों के कार्यों की समीक्षा, नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति, आबकारी विभाग द्वारा भांग की दुकानों पर गांजा की बिक्री पर निगरानी तथा स्कूलों में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की जाए। 

स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास चिह्नित हॉटस्पॉट्स पर प्राथमिकता के आधार पर सख्त कार्रवाई करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण एल वेंकटेश्वर लू, प्रमुख सचिव राज्य कर कामिनी चौहान रतन, आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह, सचिव गृह मोहित गुप्ता समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

925 करोड़ रुपये कीमत के मादक पदार्थ नष्ट

आईजी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स अब्दुल हमीद ने बताया कि वर्ष 2022 में एएनटीएफ के गठन के बाद से अब तक कुल 2,71,802 किग्रा मादक पदार्थों को नष्ट किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 925 करोड़ रुपए है। वर्ष 2026 में फरवरी तक कुल 840 केस दर्ज कर 1,176 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बीते 10 वर्षों के मादक पदार्थों की जब्ती के आधार पर 10 हॉटस्पॉट चयनित किया गया है तथा 20 हाई वैल्यू टारगेट चिन्हित करने हेतु संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।



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