{“_id”:”6ae4d247dd3a9bb4e20cea74″,”slug”:”lucknow-kgmu-conversion-case-stf-investigation-uncovers-major-racket-serious-attempts-at-religious-conversio-2026-10-30″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”लखनऊ केजीएमयू धर्मांतरण मामला: एसटीएफ की जांच में बड़े रैकेट का खुलासा,हो रहा था धर्म परिवर्तन का गंभीर प्रयास”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

केजीएमयू विवाद केस
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटीके भीतर बड़े पैमाने पर चल रहे धर्मांतरण रैकेट का एसटीएफ की जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। स्पेशल टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने केजीएमयू प्रशासन को पत्र भेजकर चिह्नित किए गए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
एसटीएफ की जांच में सामने आए प्रमुख नाम और मामले
एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, केजीएमयू के गांधी वार्ड में तैनात नर्सिंग स्टाफ नफीस पर एक पीड़िता को प्रेमजाल में फंसाकर शारीरिक व मानसिक शोषण करने और धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने का गंभीर आरोप है। इसी तरह एक अन्य नर्सिंग स्टाफ पुरखान पर भी एक पीड़िता का शोषण करने और उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का मामला सामने आया है। जांच में रेजिडेंट डॉक्टर आदिल का नाम भी शामिल है, जिन पर दो पीड़िताओं को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप है और इनमें से एक पीड़िता की शिकायत पर कैंसरबाग थाने में मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है।
इसके अलावा पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर समीउद्दीन नायक पर एक जूनियर महिला डॉक्टर को प्रेमजाल में फंसाने, अपनी शादी की बात छिपाने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप है, जिससे प्रताड़ित होकर पीड़िता ने 17 दिसंबर 2025 को नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। इस मामले में 23 दिसंबर को थाना चौक में शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसके बाद नौ जनवरी 2026 को आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया था। रेडियोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रिजवान पर भी दो महिला डॉक्टरों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का आरोप है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संविदा कर्मचारी शफकत अली खान पर भी एक पीड़िता को धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए प्रेरित करने का आरोप है, जिसकी शिकायत के बाद एक आंतरिक जांच कमेटी भी गठित की गई थी।

