डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के शहीद पथ के किनारे मातृ एवं शिशु अस्पताल परिसर के सामने खाली 20 एकड़ जमीन पर 1010 बेड का नया अस्पताल बनाया जाएगा। दो वर्ष में इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। नए भवन में स्पेशिएलिटी विभागों का संचालन होगा। अभी ये विभाग गोमतीनगर के पुराने भवन में चल रहे हैं।

नए भवन में इन विभागों के शिफ्ट होने के बाद परिसर में सुपर स्पेशिएलिटी विभाग के बेड व अन्य सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इससे गंभीर रोगियों की भर्ती की राह आसान होगी। लोहिया संस्थान में 1250 बेड हैं। नए भवन में 1010 बेड होंगे। उधर, एसजीपीजीआइ में 2200 बेड पर मरीजों की भर्ती होती है। इस तरह लोहिया संस्थान के दोनों परिसरों में बेड की कुल क्षमता एसजीपीजीआई के बराबर हो जाएगी।

लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि नए अस्पताल में ओपीडी भवन, सामान्य मेडिसिन, ईएनटी, जनरल सर्जरी, स्किन, नेत्र, त्वचा, हड्डी, इमरजेंसी, आईसीयू वार्ड के अलावा ओटी, पैथोलॉजी व टीचिंग ब्लॉक की सुविधा मिलेगी। मातृ एवं शिशु अस्पताल में 300 से अधिक बेड पर पीडियाट्रिक और गाइनी विभाग चल रहे हैं। यहां पर 100 बेड का क्रिटिकल केयर वार्ड बन रहा है। निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया मातृ एवं शिशु अस्पताल और 1010 बेड वाले अस्पताल के बीच सड़क है। इन्हें आपस में जोड़ने के लिए ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इससे मरीजों को शिफ्ट करने में आसानी होगी। प्रो. सीएम सिंह ने बताया कि नया अस्पताल बनाने के लिए टेंडर से लेकर सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दोनों परिसर में अलग-अलग इमरजेंसी होगी, जिससे गंभीर मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने दी बधाई

लोहिया संस्थान के नए अस्पताल को मंजूरी दिए जाने पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि 855 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित होने वाली इस परियोजना से राजधानी सहित पूरे प्रदेश के मरीजों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में यूपी में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। यह भी कहा कि सरोजनीनगर तेजी से प्रदेश की स्वास्थ्य राजधानी के रूप में विकसित हो रहा है।



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