विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर यूपी में अवैध एजेंसियां बड़े पैमाने पर मोटी रकम वसूलने का खेल करती हैं। वैध फीस अधिकतम 35 हजार रुपये है, लेकिन ये एजेंसियां एक-एक नागरिक से एक लाख से लेकर तीन-तीन लाख रुपये तक वसूली करती हैं। जब नागरिक विदेश पहुंचता है, तब उसे ठगी का पता चलता है। इसके बाद वह विदेश मंत्रालय में शिकायत करता है। विदेश मंत्रालय के प्रोटेक्टर ऑफ इमीग्रेंट्स (पीओई) कार्यालय में ऐसी शिकायतों का अंबार लगा है।
लखनऊ में पीओई के अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि अधिकृत कंपनियों की निगरानी की जाती है, जिससे वह किसी तरह की गड़बड़ी या अधिक वसूली न कर सकें। उन्हें एक आवेदक से अधिकतम 35 हजार रुपये फीस लेने का ही अधिकार है। यह फीस अलग-अलग देशों के लिए अलग रहती है। कितनी फीस होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आवेदक किस देश में नौकरी के लिए आवेदन कर रहा है।
