करीब 10 माह बाद बुलाई गई नगर निगम सदन की बैठक में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। बदहाल सड़कों, जलभराव और दूसरों वार्ड में हस्तक्षेप को लेकर पार्षदों के बीच खींचतान, हाथापाई और गालीगलौज तक हुई। पार्षदों के बीच लात-घूंसे चलने तक की नौबत आ गई। वहीं, टेंडर घोटाले, मंगल भवन और हॉट मिक्स प्लांट सहित कई कमेटियों को भंग किए जाने पर महापौर ने नगर आयुक्त से जवाब मांगा।
महापौर प्रमिला पांडेय ने शनिवार दोपहर दो बजे कार्यकारिणी के छह नए सदस्यों के चयन के लिए नगर निगम सदन की बैठक बुलाई थी। करीब 25 मिनट देर से बैठक शुरू हुई। सदन में सपा पार्षद रजत कौशिक बाजपेई ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद विकास जायसवाल उनके वार्ड में बरातशाला और कार्यालय बनवा रहे हैं। उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर वार्ड परिसीमन तय करने की मांग की। इस पर पार्षद विकास जायसवाल ने इसे सरकार को बदनाम करने का प्रयास बताया तो रजत ने शासन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जवाब दिया। इस पर भाजपा पार्षद ने सपा पर टोटी चोर का आरोप लगा दिया। इससे दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया और नौबत गालीगलौज तक जा पहुंची। मामला बढ़ता देख महापौर को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने पार्षदों को शांत रहने की हिदायत देते हुए कहा कि यह सदन है दंगल नहीं। इसके बाद विकास सदन से बाहर चले गए। वहीं, हंगामे के बीच निष्कासित पार्षद पवन गुप्ता सदन के अंदर आ गए। उन्होंने कार्यकारिणी चुनाव में मत देने की अनुमति मांगी लेकिन महापौर ने नियमों का हवाला देते हुए लौटा दिया।
