करीब सवा लाख रुपये की अवैध शराब तस्करी के मामले में पकड़ी गई मर्सडीज बेंज कार को छुड़ाने के लिए वाहन स्वामी को अब 14 लाख रुपये का जुर्माना और इतनी ही रकम का सिक्योरिटी बांड भरना होगा। जिला मजिस्ट्रेट मनीष बंसल ने हाईकोर्ट लखनऊ पीठ के दिशा-निर्देशों और अपर सत्र न्यायाधीश (ईसी एक्ट) के आदेश का अनुपालन करते हुए वाहन को सशर्त रिलीज करने का आदेश जारी किया है।
मामला 9 नवंबर 2022 का है। आबकारी टीम ने खंदौली टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान मर्सडीज बेंज कार पकड़ी थी। कार की डिकी में हरियाणा से तस्करी कर लाई जा रही विभिन्न प्रीमियम ब्रांड की 61 बोतल महंगी विदेशी शराब बरामद हुई थी। पुलिस ने मौके से प्रयागराज निवासी चालक जितेंद्र कुमार और दिल्ली निवासी कार सवार मनीष सिंह सूद को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज की थी। वाहन को सीज कर खंदौली थाने में खड़ा करा दिया गया था।
घटना के कुछ समय बाद ग्रेटर नोएडा निवासी वाहन स्वामी अमित गोयल ने जब्तीकरण आदेश के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत मामले पर सुनवाई हुई। आरटीओ कार्यालय की ओर से मर्सडीज कार का मूल्यांकन 28 लाख रुपये तय किया गया। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने आदेश दिया कि वाहन स्वामी मूल्यांकन धनराशि का 50 प्रतिशत यानी 14 लाख रुपये जुर्माना और शेष 50 प्रतिशत धनराशि 14 लाख रुपये का सिक्योरिटी बांड जमा कर अपनी कार सुपुर्दगी में ले सकते हैं।
संबंधित थाना प्रभारी को शराब तस्करी में पकड़ी गई कार को छोड़ने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि छोड़ने से पहले यह जांचने को कहा है कि कार किसी और आपराधिक कृत्य में केस संपत्ति न हो। -मनीष बंसल, जिलाधिकारी, आगरा
