How Airbags Work With Seatbelts: एक्सपर्ट्स के अनुसार, एयरबैग और सीट बेल्ट दोनों साथ मिलकर काम करते हैं। अगर सीट बेल्ट नहीं लगी हो तो एयरबैग खुलने के दौरान शरीर तेजी से आगे की तरफ जा सकता है, जिससे गंभीर चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए कार में बैठते ही सबसे पहले सीट बेल्ट लगाना बेहद जरूरी माना जाता है।
गलत बैठने का तरीका बढ़ा सकता है खतरा
कभी-कभी लोग सीट को स्टीयरिंग के बहुत पास करके बैठते हैं। यह आदत एयरबैग खुलने के समय चेहरे और छाती पर तेज असर डाल सकती है। इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ड्राइवर और स्टीयरिंग के बीच पर्याप्त दूरी होनी चाहिए ताकि एयरबैग सही तरीके से सुरक्षा दे सके।
बच्चों को आगे बैठाना हो सकता है खतरनाक
छोटे बच्चों को फ्रंट सीट पर बैठाना बेहद जोखिम भरा माना जाता है। एयरबैग खुलने की ताकत बच्चों के लिए काफी नुकसानदायक माना जाता है। इसी वजह से एक्सपर्ट्स हमेशा बच्चों को पीछे वाली सीट पर बैठाने की सलाह देते हैं।
डैशबोर्ड पर सामान रखना भी गलत
कई लोग डैशबोर्ड पर मोबाइल, बोतल या दूसरी चीजें रख देते हैं, लेकिन एयरबैग खुलने के दौरान यही सामान तेज गति से उछलकर गंभीर चोट पहुंचा सकता है। इसलिए डैशबोर्ड को खाली रखना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
एयरबैग सिस्टम की जांच क्यों जरूरी है?
कार के एयरबैग सिस्टम की समय-समय पर जांच कराना भी बेहद जरूरी है। अगर इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में एयरबैग वार्निंग लाइट लगातार जल रही हो तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। यह सिस्टम में खराबी का संकेत हो सकता है। इसके अलावा किसी दुर्घटना के बाद एयरबैग रिप्लेस कराने में देरी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इस्तेमाल हो चुके एयरबैग दोबारा सुरक्षा नहीं दे सकते।
ड्राइविंग के दौरान ये सावधानियां जरूर रखें
सुरक्षित ड्राइविंग के लिए हमेशा सही पोजिशन में बैठें और सीट बेल्ट लगाएं। ड्राइविंग करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने या लापरवाही करने से बचें, क्योंकि सड़क पर छोटी सी सावधानी भी बड़ा हादसा टाल सकती है।
