{“_id”:”66bfdf9480d8a53ca00bec94″,”slug”:”55-year-old-water-tank-collapsed-accident-averted-orai-news-c-224-1-ori1001-118542-2024-08-17″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: 55 साल पुरानी पानी टंकी धराशायी, हादसा बचा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
आटा। पिछले दस साल से बंद जलसंस्थान की वर्षों पुरानी पानी की टंकी भरभराकर धराशायी हो गई। गनीमत रही, टंकी जब धराशायी हुई जब कोई उसके आसपास नहीं था। अगर दिन में टंकी गिरती तो बड़ा हादसा हो जाता। टंकी का मलबा कई फीट दूर जाकर गिरा, सुबह जानकारी मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
शुक्रवार तड़के तीन बजे आटा कस्बा में स्थित जलसंस्थान परिसर में खड़ी पानी की टंकी अचानक भरभराकर धराशायी हो गई। जैसे ही टंकी गिरी तो धमाके की आवाज सुनकर आसपास के घरों के लोगों में खलबली मच गई। सुबह से ही लोगों की भीड़ लगना शुरू हो गई। इसके बाद जलसंस्थान के जिम्मेदारों को जानकारी दी गई। कस्बे में स्थित पानी की टंकी दस साल से सफेद हाथी की तरह खड़ी थी।
टंकी का निर्माण जलनिगम विभाग द्वारा 55 वर्ष पहले कराया गया था। निर्माण के बाद इस टंकी को जल संस्थान के हैंडओवर कर दिया गया था। जिसकी देखरेख जल संस्थान कर रहा था। टंकी से चार दशक तक कस्बे में पानी की सप्लाई भी की गई। इसके बाद जल संस्थान के अधिकारियों ने टंकी पर ध्यान नहीं दिया तो धीरे-धीरे टंकी पूरी तरह जीर्णशीर्ण हो गई। टंकी की जगह सीधे नलकूप से पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई।। जिससे करीब 18 हजार आबादी को सप्लाई दी जाती है। दस साल से पानी की सप्लाई बंद पड़ी थी। कई बार ग्रामीणों ने टंकी की मरम्मत कर शुरू कराने के लिए शिकायत भी की गई। लेकिन सुनवाई हुई। नतीजा यह निकला कि टंकी बारिश के चलते धराशायी हो गई ग्रामीणों का कहना है कि अगर टंकी दिन में गिरती हो बड़ी घटना हो सकती थी।
वर्जन-
टंकी गिरने की जानकारी आई है। जेई को मौके पर भेजा है। कोई हताहत नहीं हुआ है। जानकारी की जा रही है। टंकी कब की बनी हुई थी। किस कारण से गिरी, इसकी जांच की जाएगी। -सोमप्रकाश, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
