टूटा शौचालय, चौक नालियां। कदम कदम पर कीचड़ और कचरा। न स्ट्रीट लाइट न पीने का साफ पानी। ये नजारा है आदर्श मंडी मोतीगंज का। यहां खाद्यान्न कारोबारी गंदगी से त्रस्त हैं। बुधवार को नगरायुक्त को ज्ञापन सौंप समस्याएं दूर नहीं होने पर व्यापारियों ने आंदोलन का एलान किया है।
शहर के सबसे बड़े खाद्य बाजार मोतीगंज को पिछले साल नगर निगम कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पास कर आदर्श मंडी घोषित किया था , लेकिन दो साल बाद यहां सुविधाएं नदारद हैं। बिना पार्किंग, टूटी सड़कें, जलभराव और अंधेरे से जूझ रहे व्यापारियों ने बुधवार को नगरायुक्त संतोष कुमार को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान कराने की मांग की।
समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद मंगल ने बताया कि मंडी में रोजाना हजारों लोग आते हैं, लेकिन पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है।
सड़क पर ही बड़े वाहन खड़े रहने से हर समय जाम लगा रहता है। सड़कें कई जगह से टूटी हैं। नालियां क्षतिग्रस्त हैं। हल्की बारिश में ही जलभराव होने से व्यापार ठप हो जाता है। रात के समय ट्रकों से माल की लोडिंग-अनलोडिंग होती है, लेकिन पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने से सुरक्षा का खतरा बना रहता है। समिति के महामंत्री शैलेन्द्र अग्रवाल (शालू) ने कहा कि व्यापारिक दृष्टिकोण से इतनी महत्वपूर्ण जगह पर नियमित साफ-सफाई तक नहीं होती। ज्ञापन सौंपने के दौरान मोहित गर्ग, अखिलेश गोयल, संजीव सिंघल, पवन कुमार गोयल, आगरा व्यापार मंडल के जय पुरस्नानी, संदीप गुप्ता और क्षेत्रीय पार्षद अमित अग्रवाल पारुल आदि उपस्थित रहे।
