
पीड़ित परिवार
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आगरा के बोदला जमीन प्रकरण में 10 हजार के इनामी पुरुषोत्तम पहलवान को पुलिस ने जेल भेज दिया। पूछताछ के बाद एसआईटी ने मुकदमे में बिल्डर कमल चौधरी के गुर्गे किशोर बघेल का नाम शामिल किया है। वह जगदीशपुरा थाने से बलवे के मुकदमे में पहले से वांछित है। आरोपी जमीन पर कब्जे के बाद चौकीदार के परिवार का सामान ट्रैक्टर-ट्राली में लादकर ले गया था।
बोदला की 10 हजार वर्ग जमीन पर कब्जा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से चौकीदार के परिवार को जेल भिजवाया गया था। पुलिस ने इनामी पुरुषोत्तम पहलवान को शनिवार को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में किशोर बघेल का नाम सामने आया। प्रॉपर्टी डीलर किशोर बघेल बिल्डर कमल चौधरी का गुर्गा है।
नौ अक्तूबर को झगड़े में योगेश बघेल के साथ किशोर बघेल व उसके बेटों ने मारपीट की थी। इस मामले में 15 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज हुआ था। किशोर बघेल, भोला, रामू बघेल, लक्की, योगेश अग्रवाल और दीन दयाल वर्मा को नामजद किया गया था। पुलिस ने इन आरोपियों से किसी को नहीं पकड़ा। पुलिस की जांच के अनुसार कब्जा 18 अक्तूबर से 20 अक्तूबर के बीच हुआ था। किशोरी बघेल भी कब्जे के खेल में शामिल था। पुरुषोत्तम पहलवान ने अपने बयान में पुलिस को यह बताया है कि रवि कुशवाह के परिवार का सामान ट्रैक्टर में भरकर किशोर बघेल ले गया था।
लंबित चल रहा है मुकदमा
किशोर बघेल सहित आधा दर्जन के खिलाफ 15 अक्तूबर 2023 को जगदीशपुरा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमा लंबित है। सवाल उठता है कि मुकदमा अभी तक लंबित क्यों है, जबकि दिसंबर में लंबित मुकदमों के निस्तारण के लिए अभियान भी चलाया गया था।
होटल में बुना गया ताना-बाना
एसआईटी को पता चला है कि जमीन पर कब्जे की डील राजपुर चुंगी स्थित एक होटल में हुई थी। चर्चित ने जमीन खाली कराने के लिए खर्चा करने वाले की मुलाकात पुलिस से कराई थी। पुलिस इसी मीटिंग के साक्ष्य जुटा रही है। डील के दौरान मौजूद लोगों का पता लगाने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली जा रही है। एसआईटी के मुताबिक जमीन पर कब्जे की रणनीति जल्दबाजी में बनी थी। जमीन की कथित मालकिन उमा देवी ने मई में जमीन का सौदा मथुरा की एक पार्टी से कर दिया था। एग्रीमेंट हो गया था। जून में बिल्डर और उनके साथियों को इस बात की जानकारी हो गई थी। जमीन कब्जाने के लिए चौकीदार रवि कुशवाह और उसकी पत्नी पूनम को धमकाया गया। धमकाने पर नहीं माने तो उन्हें जेल भिजवाने के लिए फर्जी मुकदमे लिखवाने की साजिश भी इसी होटल में रची गई। पुलिस उन लोगों के नाम तभी खोलेगी जब साक्ष्य जुटा लेगी। होटल एक माननीय के करीबी का बताया जा रहा है।
