आगरा। आलू किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्यमंत्री उद्यान मंत्री की अध्यक्षता में दो दिवसीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन हो जा रहा है। जो शनिवार (आज) और रविवार को फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्रांड मर्क्योर में आयोजित होगा है।

इसमें उद्यान निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक सहकारी विपणन संघ अधिकारी और विभिन्न राज्यों के व्यापारी शामिल होंगे। इसके साथ ही प्रदेश के 31 जिले के जिला उद्यान अधिकारी, किसान और पंजीकृत व्यापारी शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य शीतगृहों में बड़ी मात्रा में भंडारित आलू की समय से निकासी करने के साथ व्यापारियों और किसानों के बीच समन्वय स्थापित कर फसल का अच्छा भाव हासिल हो सके। इसके साथ ही प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों में भेजने की योजना पर मंथन किया जाएगा।

ढाई माह का बचा समय, 55 फीसदी निकासी करना कठिन जिले में 332 कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण किया गया है। 30.41 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित हुआ था। अप्रैल माह से निकासी शुरू हो गई थी। फसल का लाभकारी मूल्य न मिलने से किसान अच्छे भाव के इंतजार में बैठे रह गए। जिला उद्यान अधिकारी मनोज कुमार के अनुसार सितंबर माह के पहले सप्ताह तक 45 फीसदी आलू की निकासी हो सकी है। नवंबर तक भंडारण करने का अंतिम समय है। बोआई में 12 से 15 फीसदी आलू बीज के लिए खपत हो जाती है। फिर भी 40 फीसदी आलू शेष बचेगा। जिसकी निकासी और बिक्री के लिए मात्र ढाई माह का समय है। अभी भी किसान अच्छे भाव के इंतजार में धीमी निकासी कर रहे हैं। अगर इस क्रेता-विक्रेता के सकारात्मक परिणाम नहीं निकले तो इतने कम समय में आलू निकासी होना मुश्किल है। यह परेशानी किसानों के साथ कोल्ड स्टोरेज स्वामियों के लिए भी बड़ी समस्या बनेगी।



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