फतेहाबाद। रक्षाबंधन के दौरान थाना क्षेत्र में लूट की कई घटनाओं को अंजाम देने वाले मामा-भांजे के गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सगे भाइयों समेत लूट का सामान खरीदने वाले सुनार को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तमंचे, कारतूस, नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।


एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद ने बताया कि रक्षाबंधन के समय थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटनाओं में शामिल आरोपी आपस में रिश्तेदार थे। मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि लूट की वारदातों में शामिल आरोपी प्रतापपुरा पुलिया के पास से गुजरने वाले हैं। सर्विलांस सेल, एसओजी और थाना फतेहाबाद पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी। एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। घेराबंदी कर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम भाव सिंह और भीमसेन निवासी बमुरियाई, थाना निबोहरा बताए। भाव सिंह के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस, 3600 रुपये, सोने की नथनी और चांदी की करधनी बरामद हुई। वहीं भीमसेन के पास से 3500 रुपये, सोने की अंगूठी, तमंचा और कारतूस मिले। भीमसेन ने पुलिस को बताया कि जेल भेजा जा चुका वीकेश उसका सगा भांजा है। वह अपने मामा के साथ मिलकर लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। दो मोटरसाइकिलों पर चार लोग सवार होकर निकलते थे। एक मोटरसाइकिल पर दो सवार लोग घटनास्थल की निगरानी करते थे, जबकि दूसरी बाइक पर सवार लोग लूट करते थे। वारदात के बाद दोनों बाइक से भाग जाते थे। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी दूसरे गांव के सत्य प्रकाश निवासी नेहरे का पुरा और राकेश निवासी डंगनियापुरा, थाना निबोहरा के घरों पर शरण लेते थे। लूटे गए आभूषणों को अपनी बहन के साथ पड़ोसी गांव के सुनार शिवकुमार पुत्र लायक सिंह निवासी बाग कॉलोनी, कस्बा फतेहाबाद के यहां बेचते थे। पुलिस ने लूट का सामान खरीदने के आरोप में सुनार शिवकुमार को भी गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह मौज-शौक पूरा करने के लिए लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। भीमसेन इंटर पास और भाव सिंह कक्षा सात तक पढ़ा है।



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