आगरा। यूपीआई लेन-देन पर शुल्क लगाए जाने के विरोध में व्यापारी लामबंद हो गए हैं। सोमवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर शुल्क तुरंत निरस्त करने की गुहार लगाई। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जबरन शुल्क लागू किया गया तो बाजारों में तालाबंदी की जाएगी, काले झंडे लगाए जाएंगे और 15 अक्तूबर को काला दिवस मनाते हुए डिजिटल लेन-देन का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।
संगठन ने छोटे और मझोले व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को तत्काल रद करने की मांग उठाई है। जिलाध्यक्ष गिर्राज अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और डीएम की अनुपस्थिति में एसीएम-1 संतोष कुमार शुक्ला को ज्ञापन सौंपा।गिर्राज अग्रवाल ने इससे रोजमर्रा के व्यापार में भारी बाधाएं उत्पन्न होंगी। सरकार व्यापारियों को बाजार बंद कर सामूहिक विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर कर रही है।
प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार गुरनानी ने कहा कि व्यापारी वर्ग हमेशा से सरकार की नीतियों का समर्थक रहा है लेकिन इसी वर्ग को गलत नीतियों का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। जिला महामंत्री दीपक शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया, तो इसके परिणाम प्रतिकूल होंगे। इस दौरान व्यापारी नेता किशोर बुधरानी, मेघराज दियालानी, दीपक अग्रवाल, अंकित बंसल, निखिल मतलानी, शैलेश खंडेलवाल, मुकेश शर्मा और पवन राजानी आदि मौजूद रहे।
