loader


महाराष्ट्र के कारीगर चांदी गलाने के कारखानों में बड़ी संख्या में काम कर रहे हैं। हादसे में मरने वाले सुनील राव पाटिल भी 25 साल पहले आए थे। उन्होंने पहले खुद काम किया। इसके बाद अपना कारखाना खोल लिया। उन्होंने कारखाने में अपने जिले के ही कारीगरों को रखा हुआ था। हादसे की जानकारी पर बड़ी संख्या में कारीगर आ गए। उन्होंने सुनील राव पाटिल के परिजन को जानकारी दी।

कारीगरों ने बताया कि सुनील वर्तमान में बाग मुजफ्फर खां में रहे थे। वह मूलरूप से गांव तास, सांगली, महाराष्ट्र के रहने वाले थे। वहां के कई और कारीगर आगरा में आकर काम कर रहे हैं। अच्छे अनुभव की वजह से उन्हें सराफ अपना माल देते हैं।चांदी 100 डिग्री तापमान पर गल जाती है। पहले भट्ठी जलाने के लिए कोयले का प्रयोग होता था। मगर, आगरा के टीटीजेड में आने के बाद कोयला जलाना बंद हो गया। इस कारण भट्ठी को गैस सिलिंडर से चलाना पड़ता है।

 




Trending Videos

Agra silver factory fire: Sunil had come from Maharashtra 25 years ago nobody had imagined lose his life

Cylinder exploded in agra market
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


भट्ठी लोहे की बनाई जाती है। इसमें गैस बर्नर लगाया जाता है। इसके बाद पाइप लगाकर सिलिंडर से गैस की सप्लाई दी जाती है। मिट्टी की खुटाली में चांदी रखकर गलाई जाती है। तकरीबन 100 से अधिक तापमान पर चांदी गलने लगती है। कारखाना संचालक चांदी गलाने पर भुगतान लेते हैं। साथी कारीगरों का कहना था कि परिजन नहीं आएंगे तो वह शवों को लेकर खुद ही चले जाएंगे।

 


Agra silver factory fire: Sunil had come from Maharashtra 25 years ago nobody had imagined lose his life

Cylinder exploded in agra market
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


सराफ का कर्मचारी है मनीष

सराफ विनय बंसल का कर्मचारी मनीष भी चांदी गलाने के लिए लेकर आया था। हादसे में वह झुलस गया। इसकी जानकारी पर सराफ पहुंच गए। उन्होंने घायल कर्मचारी का इलाज करवाया।

 


Agra silver factory fire: Sunil had come from Maharashtra 25 years ago nobody had imagined lose his life

Cylinder exploded in agra market
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


व्यापारियों ने घटना पर जताया दुख

घटना की जानकारी पर आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल, आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल भी पहुंच गए। उन्होंने घटना पर दुख प्रकट किया। पीड़ितों को सरकारी सहायता दिलाने की मांग की।

 


Agra silver factory fire: Sunil had come from Maharashtra 25 years ago nobody had imagined lose his life

Cylinder exploded in agra market
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


सड़क पर बिखरीं चप्पलें और सामान

सराफ श्याम बिहारी ने बताया कि मैं दुकान पर बैठा हुआ था। जेवरात देख रहा था। तभी धमाका हुआ। दुकान के सामने धुआं हो गया। बाहर निकलकर देखा तो लोग भाग रहे थे। सड़क पर वाहन गिरे पड़े थे। सड़क पर सामान बिखरा हुआ था। 10 मिनट बाद एक और धमाका हुआ। समझ नहीं आया क्या करें। इस पर दुकान का शटर गिराकर दूर चले गए।

 




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *