अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के स्कूलों की कक्षा 11 (विज्ञान, मानविकी, कॉमर्स), डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग, ब्रिज कोर्स और बीए एलएलबी की प्रवेश परीक्षा 26 अप्रैल को होगी। यह परीक्षाएं अलीगढ़ सहित देश के 11 परीक्षा केंद्रों पर होंगी। पहली बार उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले और मणिपुर की राजधानी इम्फाल में प्रवेश परीक्षा होगी।

पीआरओ की एमआईसी प्रो. विभा शर्मा ने बताया कि अलीगढ़, इम्फाल, कोलकाता, लखनऊ, मेरठ, पटना, रामपुर, श्रीनगर, मुर्शिदाबाद, कोझिकोड में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली में एसएससी विज्ञान, सीनियर सेकेंडरी स्कूल विज्ञान और डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग के 26,393 परीक्षार्थी शामिल होंगे। दूसरी पाली में विज्ञान, मानविकी और कॉमर्स वर्ग के 6,862 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वहीं ब्रिज कोर्स में 19 तथा बीएएलएलबी में 5,292 परीक्षार्थी शामिल होंगे। अलीगढ़ में 33 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 

इसके अलावा कोलकाता में दो, लखनऊ में चार, मेरठ में एक, पटना में नौ, किशनगंज में चार, श्रीनगर में दो, मुर्शिदाबाद में एक, कोझिकोड में एक केंद्र बनाया गया है। पहली बार रामपुर के ग्रीनवुड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा होगी। इम्फाल में हंड्रेड फ्लावर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर इम्फाल में बना प्रवेश केंद्र  

मणिपुर की राजधानी इम्फाल में एएमयू की परीक्षा के लिए प्रवेश केंद्र बनाया गया है। परीक्षा केंद्र बनाने के लिए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने यूनिवर्सिटी अनुरोध से किया था। 16 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर में एएमयू का प्रवेश परीक्षा केंद्र खोले जाने पर सहमति दी थी। उन्होंने यह घोषणा एएमयू एल्युमिनी एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद दी थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों को होने वाली कठिनाइयों से अवगत कराया था। 

मणिपुर के पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष मोहम्मद बरियाजुद्दीन शाह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के लिए मणिपुर में प्रवेश परीक्षा केंद्र बनाने पर चर्चा की। एएमयू प्रबंधन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मणिपुर में एएमयू केंद्र की स्थापना को लेकर काफी समय से मांग की जा रही थी। पूर्वाेत्तर और अलीगढ़ दोनों के लिए यह काफी अहम है। इससे पूर्वाेत्तर विद्यार्थियों को सहूलियतें मिलेंगी।



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