अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में नियुक्तियों को लेकर चल रहे एक दशक पुराने मामले में डॉ. सदफ फातिमा द्वारा दायर परिवाद पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलीगढ़ ने विश्वविद्यालय की वर्तमान कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून और रजिस्ट्रार प्रोफेसर असिम ज़फर सहित कुल 6 पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

वर्ष 2011-12 में डॉ. सदफ फातिमा का चयन एएमयू में असिस्टेंट प्रोफेसर (उर्दू) सहित डिप्टी रजिस्ट्रार और ऑडिट ऑफिसर जैसे पदों पर हुआ। चयन समिति ने जुलाई 2013 में नियुक्ति संबंधी अनुमोदन भी दे दिया था, लेकिन आरोप है कि उन्हें आज तक ज्वाइनिंग नहीं दी गई।

प्रार्थिया के अनुसार, चयन प्रक्रिया पूरी तरह विधिवत थी, फिर भी अधिकारियों ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से उनकी नियुक्ति को रोक कर रखा। फरवरी 2025 में जब डॉ. फातिमा ने वर्तमान कुलपति के समक्ष अपना पक्ष रखा, तो विभागीय जांच में उनका दावा सही पाया गया। सहायक रजिस्ट्रार ने मई 2025 में पत्र जारी कर इसकी पुष्टि भी की।  

एसएसपी अलीगढ़ को शिकायत देने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई, तब प्रार्थिया ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। डॉ. फातिमा के पति और अधिवक्ता मौलाना चौधरी इब्राहिम हुसैन ने कहा, यह महिला के संवैधानिक अधिकारों के हनन और प्रशासनिक भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। हम दोषियों के विरुद्ध एफआईआर और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।



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