
अयोध्या-टेढ़ी बाजार थाना रामजन्मभूमि जाने वाले मार्ग पर तैनात सुरक्षा में तैनात जवान
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अयोध्या में आगामी 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले करीब आठ हजार वीवीआईपी की सुरक्षा के लिए पूरे शहर को हाई सिक्योरिटी में लगातार तब्दील किया जा रहा है। सियासी गलियारों से लेकर बॉलीवुड, खेल, कला, साहित्य और अध्यात्म से जुड़े लोगों का इतना बड़ा जमावड़ा संभवत: देश में पहली बार हो रहा है। लिहाजा सुरक्षा से जुड़े हर बिंदु का बारीकी से विश्लेषण करते हुए एजेंसियां पुख्ता बंदोबस्त कर रही हैं।
बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह की कमान शुरू से केंद्रीय एजेंसियों ने संभाल रखी है। अयोध्या के चप्पे-चप्पे को 10 हजार से अधिक कैमरों की मदद से तीसरी आंख के दायरे में लाया जा चुका है। वहीं, अतिथियों के आवागमन को लेकर भी खास सतर्कता बरती जा रही है। बड़ी संख्या में अतिथियों के लखनऊ से जाने की वजह से लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग को 21-22 जनवरी को निजी वाहनों के लिए बंद कर दिया जाएगा। समारोह के दिन अयोध्या और लखनऊ एयरपोर्ट पर 200 से अधिक विमानों के आवागमन होना है, जिसके विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एजेंसियों की मदद से अतिथियों के आवागमन और ठहरने की व्यवस्था कर रहा है।
एयरपोर्ट जाने वाले रास्तों पर ग्रीन कॉरीडोर
समारोह के बाद हजारों की संख्या में लोग प्रमुख राजमार्गों के जरिए भी अपने-अपने गंतव्य को रवाना होंगे। इसके दृष्टिगत लखनऊ और आसपास के जिलों में 21-22 जनवरी को ग्रीन कॉरीडोर बनाया जाएगा। लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर समेत आसपास के जिलों के एयरपोर्ट तक के रास्तों पर यातायात के साथ सुरक्षा बंदोबस्त भी हो रहा है।
ट्रेनों को किया गया डायवर्ट
वहीं दूसरी ओर रेलवे ने भी अयोध्या धाम जंक्शन पर जाने वाली ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया है। अयोध्या कैंट और बाकी नजदीकी स्टेशनों पर भी ट्रेनों का आवागमन रोकने पर विचार चल रहा है। ट्रेनों का आवागमन 24 जनवरी के बाद शुरू हो सकता है। आरपीएफ, जीआरपी और जिलों की पुलिस रेलवे स्टेशनों और ट्रैक की सुरक्षा को सुनिश्चित कर रही है। पूरे प्रदेश में जीआरपी को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
