
बाबा सिद्दीकी।
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महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी अजीत गुट के बड़े नेता बाबा सिद्दीकी की मुंबई के बांद्रा ईस्ट में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुंबई पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार संदिग्ध गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हैं। सूत्रों का कहना है गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों ने खुद ये दावा किया है। हालांकि अभी तक इस हत्याकांड की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है।
इस हत्याकांड में यूपी का कनेक्शन भी सामने आ गया है। हत्याकांड में शामिल धर्मराज कश्यप और शिव कुमार उर्फ शिवा गौतम दोनो कैसरगंज कोतवाली के गंडारा गांव के रहने वाले थे। कुछ महीनों पहले अपने साथी शिवाा गौतम के साथ मुंबई काम तलाशने गया था। मुंबई में हुए इस हाईप्रोफाइल मर्डर में उसका नाम सामने आने के बाद बहराइच पुलिस ने उसके बारे में छानबीन की तो कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं मिला। फिलहाल पुलिस उसके बारे में गहनता से पता लगा रही है।
अलर्ट मोड पर एसटीएफ
वहीं दूसरी ओर बाबा सिद्दीकी की हत्या का यूपी लिंक सामने आने के बाद एसटीएफ की सारी यूनिट्स को अलर्ट कर दिया गया है। दरअसल, वारदात में शामिल एक शूटर मौके से भाग गया था। बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए यूपी के अंडरवर्ल्ड की मदद लेने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी वजह से एसटीएफ इसकी टोह लेने में जुट गई है। एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि अभी मुंबई पुलिस ने एसटीएफ से संपर्क नहीं किया है, लेकिन धर्मराज और उसके साथी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। दरअसल, एसटीएफ को शक है कि धर्मराज किसी संगठित गिरोह से जुड़ा था, जिसके बाद उसे किसी खास काम से मुंबई भेजा गया। दरअसल, वारदात के दौरान धर्मराज का किसी पेशेवर शूटर की तरह पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना उसके किसी गिरोह से जुड़े होने का संदेह पुख्ता कर रहा है।
मजदूरी करने गया था
हमारे बहराइच कार्यालय के अनुसार धर्मराज कश्यप और शिवा गौतम कैसरगंज कोतवाली के गंडारा गांव के रहने वाले हैं। एसपी बहराइच वृंदा शुक्ला ने बताया कि दोनों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड फिलहाल नहीं मिला है। दोनों सामान्य परिवार के हैं और मजदूरी करने मुंबई गए थे। दोनों के बारे में सारी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
