Electric car growth Europe: 2026 की पहली तिमाही में यूरोप में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री करीब 30 प्रतिशत बढ़ी है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने लोगों को ईवी की ओर तेजी से आकर्षित किया है। रिसर्च फर्म ई-मोबिलिटी यूरोप व न्यू ऑटोमोटिव की ओर से जारी आंकड़ो के अनुसार 2026 की पहली तिमाही में करीब 5,60,000 नए इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। यह पिछले साल के मुकाबले 29.4% अधिक है। खासतौर पर मार्च महीने में, 15 प्रमुख यूरोपीय बाजारों में 51.3% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई, जहां 2.4 लाख से ज्यादा गाड़ियां बिकीं।

ई-मोबिलिटी यूरोप के महासचिव क्रिस हेरोन ने इस बदलाव को एतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी के पीछे एक अहम कारण पेट्रोल की बढ़ती कीमतें हैं। ईरान युद्ध के चलते ही तेल की कीमतों में हाल के वर्षों का बड़ा उछाल देखने को मिला, जिसके बाद अब ग्राहक पारंपरिक पेट्रोल गाड़ियों के विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे समय में इलेक्ट्रिक कारें एक किफायती और स्थिर विकल्प के रूप में उभर रही हैं।

प्रमुख देशों का प्रदर्शन

इलेक्ट्रिक अपनाने में जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली और पोलैंड जैसे प्रमुख देशों के बाजार शामिल हैं, जहां इस साल अब तक इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 40% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अनुमान है कि मार्च में EU और EFTA में बिकने वाली नई कारों में से करीब 21.2% इलेक्ट्रिक थीं, जो इस सेगमेंट की तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी को दिखाता है।

ब्रिटने में भी बढ़ी मांग

इसके अलावा ब्रिटेन में भी ईवी की मांग में मजबूती देखने को मिली है। यहां पहली तिमाही में BEV रजिस्ट्रेशन 12.8% बढ़े हैं और नई कार बिक्री में इनकी हिस्सेदारी 22.5% तक पहुंच गई। जर्मनी के बाद ब्रिटेन यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा ईवी बाजार बनकर उभरा है। हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों की इस बढ़ती बिक्री का असर ऊर्जा खपत पर भी दिख रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस तिमाही में रजिस्टर हुए करीब 5 लाख BEV सालाना 20 लाख बैरल तेल की खपत को कम कर सकते हैं। इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं की लागत घटेगी, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। 



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