Varanasi News: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कार्यकारिणी परिषद में शैक्षणिक लोगों की जगह पूर्व केंद्रीय मंत्री, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष, मेयर को शामिल करना विश्वविद्यालय को आरएसएस का कार्यालय बनाने जैसा है। बीएचयू परिसर में गैंगरेप करने के आरोपी सक्षम पटेल के रिश्तेदार दिलीप पटेल को सदस्य बनाकर भाजपा ने महिलाओं के प्रति अपनी मंशा जगजाहिर कर दी है।
उक्त बातें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने शुक्रवार को लहुराबीर स्थित आवास पर प्रेसवार्ता में कहीं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बीएचयू में एक्जीक्यूटिव काउंसिल (कार्यकारी परिषद) का आरएसएस करण करना निंदनीय है। हमने पिछले वर्ष इस मुद्दे को उठाया था कि कार्यकारी परिषद का गठन हो और उसमें शिक्षाविद, कुलपति, वैज्ञानिक, शिक्षा जगत के महत्वपूर्ण लोगों को शामिल किया जाए।
बीएचयू का आरएसएस करण कर चुकी केंद्र सरकार ने अपने पुराने रवैए को दोहराते हुए फिर से निम्न स्तर का कार्य किया। जब बीएचयू में कुलपति थे तो कार्यपरिषद नहीं था। अब कार्यपरिषद है तो कुलपति नहीं हैं। यह गंभीर विषय है। बीएचयू शोध और अध्ययन का विश्व स्तरीय केंद्र है। ऐसे में भाजपा के जिन तीन नेताओं को कार्य परिषद में शामिल किया गया है क्या वह शिक्षाविद् हैं?
कांग्रेस के समय जब कार्य परिषद की कमेटियां बनती थी तो उसमें शिक्षाविद, वैज्ञानिक, भारतीय सम्मान से अलंकृत शिक्षाविद हस्तियां शामिल रहती थीं। कार्यपरिषद का राजनीतीकरण करना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम मांग करते हैं कि तत्काल इस परिषद का राजनीतीकरण बंद हो और योग्य व्यक्तियों को परिषद् का सदस्य बनाया जाए।
