उरई। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए फार्म संख्या-7 भरवाने का गंभीर आरोप लगाया है। सपाइयों ने मांग की है कि ऐसे सभी फार्म तत्काल निरस्त किए जाएं और गलत तरीके से फार्म भरने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि उरई विधानसभा क्षेत्र के एट स्थित बूथ संख्या 159, पचोखरा, धगुवा कलां, कोंच ब्लॉक के कूड़ा गांव तथा माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत शेखपुर अहीर सहित कई बूथों पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पहले से पंजीकृत मतदाताओं के फार्म-7 भरवाकर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास जमा कराए जा रहे हैं। यह आरोप लगाया गया है कि इसके माध्यम से मतदाताओं पर वोट कटवाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनमें रोष व्याप्त है और वे मानसिक रूप से परेशान हैं।
सपा नेताओं ने मांग की है कि विगत दिनों में भरे गए सभी फार्म-7 को तुरंत निरस्त किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि प्रतिदिन सभी राजनीतिक दलों द्वारा भरे गए फार्म-7 का बूथवार विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व विधायक शिवराम कुशवाहा, वीरपाल सिंह यादव, आनंद यादव, सुरेंद्र बजरिया, प्रदीप दीक्षित, जमालुद्दीन, वीरेंद्र यादव, महेश विश्वकर्मा, वेदप्रकाश यादव, महेश शिरोमणि, दशरथ सिंह पाल, महेंद्र कठेरिया, फरहत उल्ला, राघवेंद्र यादव, प्रताप सिंह यादव, मनोज अहिरवार, हबीब खान, बब्बू राजा सिकरी, नेतराम निरंजन, मानसिंह पाल, लाखन सिंह कुशवाहा, विवेक यादव सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे।
फार्म-7 पर तय प्रक्रिया से ही होती है कार्रवाई, बिना जांच नाम नहीं कटता
मतदाता सूची से नाम हटाने से संबंधित फार्म संख्या-7 को लेकर सपा द्वारा लगाए गए आरोपों पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन नियमों के अनुसार फार्म-7 कोई भी व्यक्ति मनमाने ढंग से जमा नहीं कर सकता। फार्म-7 में आवेदक का पूरा नाम, पता एवं हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं। प्राप्त फार्म पर प्रथम स्तर पर संबंधित बीएलओ द्वारा मौके पर जांच की जाती है। इस दौरान मतदाता की स्थिति, निवास, पात्रता एवं प्रस्तुत साक्ष्यों का सत्यापन किया जाता है। जांच पूरी होने और बीएलओ की संतोषजनक रिपोर्ट के बाद ही फार्म को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। केवल फार्म-7 जमा हो जाने मात्र से किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाता। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप, पारदर्शी एवं नियमबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
