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उरई। गुरु रोपण महाविद्यालय कुकरगांव में चल रहा सात दिवसीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्राथमिक शिक्षा वर्ग का बुधवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण में 46 स्वयंसेवकों ने सात दिन तय दिनचर्या के अनुरूप शिक्षकों के द्वारा शारीरिक मानशिक एवं बौद्धिक प्रशिक्षण लिया।
समापन समारोह में अखिल भारतीय इतिहास संकलन टोली के सदस्य डॉ. प्रयाग नारायण त्रिपाठी ने हिंदू संस्कृति की विशेषताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति बहु आयामी है। परमार्थ और सबका कल्याण भारतीय संस्कृति के मूल में है। इसमें लोक कल्याण और लोकहित की भावना सर्वोपरि है। दूसरों के कल्याण और आनंद में स्वयं के सुख की अनुभूति होती है।
उन्होंने कहा कि प्राचीन व नवीन में सामंजस्य स्थापित कर पुराने को बनाए रखने व नए विचारों को आत्मसात करने का सामर्थ्य होना हमारी भारतीय संस्कृति की मूल विशेषता है। इस दौरान वर्ग कार्यवाह गौरीश, जिला संघचालक रामकृष्ण, सह संघचालक शिवराम. जिला प्रचारक शिवम, नगर प्रचारक सचिन, खंड संघचालक रामसिंह, भूपेंद्र, कार्तिक, अभिलाष तिवारी, डॉ.ब्रह्मनंद आदि रहे।
