इकदिल। आराजी जाधौपुर गांव के पास निचली गंग नहर के पुल के पिलर में शुक्रवार शाम एक किशोरी का शव मिला। शनिवार को फिरोजाबाद के ईंट भट्टा संचालक की 17 वर्षीय भांजी के रूप में उसकी शिनाख्त हुई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग के चलते किशोरी द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की बात सामने आई है।
किशोरी फिरोजाबाद के थाना फरेह की रहने वाली थी। वह करीब दस वर्षों से शिकोहाबाद में अपने मौसा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। कक्षा 12 करने के बाद वह बीएससी में दाखिला लेने वाली थी। 30 जुलाई की सुबह वह बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी। कुछ देर बाद उसने शिकोहाबाद के छीछामई नहर पुल से नहर में छलांग लगा दी। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सर्च अभियान चलाया गया। दोपहर तक घर न लौटने पर परिजनों ने गुमशुदगी की सूचना दी।
जांच के दौरान किशोरी के मौसेरे भाई की तहरीर पर पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया। युवक ने बताया कि उसकी और निधि की मोबाइल फोन पर लंबे समय से बातचीत होती थी। करीब आठ दिन पहले परिजन को इसकी जानकारी होने पर उन्होंने किशोरी को डांटा था। पुलिस का अनुमान है कि इसी रोकटोक और मानसिक तनाव के चलते छात्रा ने यह कदम उठाया। किशोरी के मौसा ने बताया कि 14 जुलाई को घर में गिरने से भांजी का हाथ टूट गया था। उसका ऑपरेशन कराया गया था, जिसके कारण उसके हाथ पर पट्टी बंधी हुई थी। यही निशान पहचान का प्रमुख आधार बना। उन्होंने बताया कि भांजी के पिता अहमदाबाद में निजी नौकरी करते हैं। परिवार में एक बड़ा भाई और एक छोटी बहन है। वह ईंट भट्ठा संचालक हैं और भांजी उनके घर में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
मौसा ने बताया कि शिकोहाबाद थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में एक मोबाइल नंबर का भी लिखाया था। पुलिस ने उस नंबर से जुड़े युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। हालांकि, अब परिवार इस मामले में अभी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहता। उनका कहना है कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान बेटी के अंतिम संस्कार और परिवार को संभालने पर है।
वर्जन
परिजन ने तहरीर नहीं दी है। जांच में शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। किशोरी के फोन करने पर मौसा ने विरोध किया था। यह बात जांच में स्पष्ट हुई है। आशंका है कि इसी से क्षुब्ध होकर शिकोहाबाद में किशोरी ने नहर में कूदकर आत्महत्या की है।
-अवनीश कुमार सिंह, सीओ सिटी
