{“_id”:”66ce2e7f3ed9f6777e084604″,”slug”:”brokers-are-taking-contracts-for-operations-in-nursing-homes-for-16-to-20-thousand-rupees-orai-news-c-12-1-lko1023-805438-2024-08-28″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”महिला अस्पताल : 16 से 20 हजार में नर्सिंग होम में ऑपरेशन का ठेका ले रहे दलाल”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
उरई। संस्थागत प्रसव को लेकर सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद रात के अंधेरे में जिला महिला अस्पताल में दलालों का गिरोह सक्रिय हो जाता है। यह दलाल मरीजों को लचर सरकारी सेवाओं का भय दिखाकर उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती करवा कर मोटी रकम वसूल रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार पूरे मामले को लेकर अनजान बने हैं। महिला अस्पताल पर पूरी तरह दलालों का कब्जा हो चुका है। इन पर लगाम लगाने की जगह सरकारी कर्मचारी भी इनकी मदद कर रहे हैं। हर काम के लिए उनका अलग से कमीशन तय है।
आपके भी घर में अगर कोई महिला गर्भवती है तो भगवान से मनाइए कि उसे कभी इमरजेंसी में रात दस बजे के बाद जिला महिला अस्पताल न जाना पड़े। क्योंकि उस समय यहां आपको को डॉक्टर और नर्स से नहीं दलालों से बात करनी होगी। वह आपको सरकारी सेवाओं की बदहाली भी बताएंगे और उसके बाद यह भी बताएंगे कि शहर में कहां पर सबसे बढ़िया और सुरक्षित तरह से ऑपरेशन होते हैं। जिला महिला अस्पताल में आपका इलाज क्यों नहीं हो पाएगा इसकी जानकारी भी दलाल देंगे। वह समझाएंगे कि आपको कई दिनों तक सरकारी अस्पताल में परेशान होना पड़ेगा। जबकि प्राइवेट अस्पताल में दस मिनट में डिलीवरी हो जाएगी। इसके साथ ही दलाल ऑपरेशन करवाने से लेकर दवाई तक का ठेका लेते हैं कि कितने में आपका पूरा इलाज हो जाएगा।
हमारी टीम ने रात दस बजे से लेकर रात के तीन बजे तक पड़ताल की। जिसमें शहर के प्रमुख चार अस्पतालों के नाम और डॉक्टरों के नाम दलाल लेते हुए दिखे। इन दलालों की मदद रात में तैनात कर्मचारी और गार्ड भी करते हैं। वह ठेके पर पूरे इलाज का भरोसा दिलाते हैं। इनकी पूरी हकीकत कैमरे में भी कैद हो गई।
सीन-1-समय- 1:20 मिनट
रिपोर्टर ने मरीज बनकर एक दलाल से बात की। उसने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है, प्रसव होना है। सरकारी अस्पताल में हो जाएगी। दलाल ने बताया कि आप परेशान हो रहे हैं। प्राइवेट में चलो दस मिनट में ऑपरेशन हो जाएगा। सरकारी में कई दिनों तक आपको परेशान किया जाएगा। हम जहां भेजेंगे वहां आपको परेशान नहीं होना पड़ेगा। 15 से 16 हजार रुपये खर्च आएगा। जब रिपोर्टर ने कहा कि सरकारी में करवा दो, जो खर्च आएगा दे दिया जाएगा। उसने बताया कि दिन होता तो वह सरकारी अस्पताल में दस हजार में करवा देते। प्राइवेट में सीजर चार-पांच डॉक्टर करते हैं। जिसमें दवाई लिखेंगे, सर्जन डॉक्टर आएगा, बच्चे वाला डॉक्टर आएगा। सब को खर्च देना पड़ेगा। काफी देर तक दलाल प्राइवेट के लिए रिपोर्टर पर जोर डालता रहा।
सीन-2-समय-1:40
रिपोर्टर से बात करते हुए दूसरे दलाल ने बताया कि वह खुद ऑपरेशन करवाने आया है। उसकी पत्नी के पहला बच्चा हुआ है। जबकि उसकी उम्र 45 से अधिक लग रही थी। उसने बताया कि सरकारी में कोई सुविधा नहीं मिलती है। दिन में ही ऑपरेशन की सुविधा है। अगर आपकी पत्नी को ज्यादा समस्या है तो तुरंत प्राइवेट में चलो। उसने एक नामचीन अस्पताल का नाम भी बताया। यह पूछने पर कि कितना खर्च आएगा, उसने तुरंत कहा कि तुम दलालों के चक्कर में न पड़ना। जगह-जगह दलाल घूम रहे हैं। आप खुद डॉक्टर से चलकर बात कर लो, जैसे 16 हजार वैसे बीस हजार लेकिन इलाज अच्छा होगा। उससे पूछा गया कि आप पैसे कम करवाओ तो उस अस्पताल चलें उसने तुरंत मोबाइल निकालकर एक निजी नर्सिंग होम बात की और पूछा की कितने रुपये लगेंगे। उसने 16 हजार में डील पक्की कर दी। रिपोर्टर टहलने हुए बाहर चला गया तो दलाल दूसरे दलाल के साथ निकल गया।
सीन- 3-समय-2:20
अस्पताल के गेट पर एक एंबुलेंस आती है। उसमें से एक मरीज उतरता है। तुरंत मरीज अंदर आता है। बाहर उसके साथ तीमारदार खड़े रहते हैं। तब तक दलाल और आशा बहू के बीच बातचीत होती है। मरीज को नर्स अंदर करके बाकी लोगों को तुरंत बाहर कर देती हैं। दलाल तीमारदार से बात करके उनको सुविधा के बारे में बताता है। इसी बीच आशा बहू भी अपना कमीशन पक्का करवा लेती है। दोनों के बीच अस्पताल के बाहर ही पूरी डील हो जाती है। तुरंत दलाल मरीज को लेकर अपने प्राइवेट अस्पताल के लिए चले जाते हैं। तीमारदार को इतना भी समय नहीं दिया गया कि सरकारी सुविधा पर भरोसा कर सके।
सीन-4-समय- 2:35
रिपोर्टर ने अस्पताल में तैनात एक कर्मचारी से भावुक होकर पूछा कि अंदर इलाज ठीक होता है। उसने बताया कि रात में कुछ नहीं हो पाएगा। किसी दलाल के चक्कर में न पड़ना। बगल में एक अस्पताल है। वहां हम बात कर लेंगे उसमें घुस जाओ कहीं जाने की जरूरत नहीं है। रिपोर्टर ने पूछा रुपये ज्यादा तो नहीं लगेंगे। उसने बताया कि आप परेशान न हो जितने हम बताएंगे। उतने ही पैसे लगेंगे। सब बातें यहीं बता दी जाएंगी। एक किस्त में रुपये लगेंगे। कोई कितने भी मांगे 50 हजार मांगे, लेकिन जो यहां पर तय होगा। उतने ही पैसे लगेंगे। आपके साथ में एक लड़का भेज दिया जाएगा। जो आपके रुपये से लेकर सभी बात कर लेगा। ऊपर का कोई खर्च नहीं आएगा। आपको कोई परेशानी नहीं होगी। सीधे जाएं मरीज तुरंत भर्ती कर लिया जाएगा।
वर्जन
दलालों को रोकने के लिए कोतवाली में भी पत्र लिखा गया है। दिन में कई बार इन्हें भगाया जाता है। लेकिन, रात होते ही ये सक्रिय हो जाते है। अस्पताल प्रबंधन ने कई बाई इन्हें रोकने के कई बार प्रयास किए गए हैं। वहीं, दलालों में अगर कोई स्वास्थकर्मी शामिल है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। –सुनीता बनोधा, सीएमएस महिला अस्पताल
