वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में आगरा को बुलेट ट्रेन की सौगात दी है। ये ट्रेन 350 किमी. प्रति घंटे की गति से रफ्तार भरेगी। महज दो घंटे में लोग काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी पहुंच सकेंगे। ये 12 स्टेशनों से होकर गुजरेगी। कॉरिडोर निर्माण में 1.21 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे कई जिलों के लोगों को सुविधा मिलेगी।

बजट में सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इसमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे, चेन्नई-बंगलूरू, हैदराबाद-बंगलूरू, पुणे-हैदराबाद और हैदराबाद-चेन्नई कॉरिडोर बनेंगे। इसमें दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर आगरा से होकर गुजरेगा। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) कॉरिडोर 865 किमी. लंबा होगा।

आगरा से वाराणसी की दूरी करीब 650 किमी. है। ऐसे में दो घंटे में बुलेट ट्रेन वाराणसी पहुंचा देगी। कॉरिडोर का निर्माण नेशनल हाईस्पीड रेल काॅरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) करेगा। ये एलिवेटेड ट्रैक होगा। कुछ जगह ही भूमिगत लाइन बनेगी। पांच साल में ये प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।

भूकंप आने पर स्वत: रुक जाएगी ट्रेन

बुलेट ट्रेन संचालन में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। भूकंप की स्थिति में बुलेट ट्रेन स्वत: रुक जाएगी। इसमें अरजेंट अर्थक्वेक डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम (यूआरईडीएएस) लगा होगा, जिससे भूकंप की स्थिति में ट्रेन रुक जाएगी।

आगरा से वाराणसी तक 2950 रुपये में सफर

बुलेट ट्रेन में 750 यात्रियों की क्षमता होगी। इसका किराया 4.5 रुपये प्रति किमी. होगा। इसमें आगरा से वाराणसी का किराया करीब 2,950 रुपये प्रस्तावित है। दिल्ली से लखनऊ का किराया 1,980 रुपये होगा। दिल्ली से वाराणसी का किराया 3,240 रुपये प्रस्तावित है।

ये हैं प्रस्तावित स्टेशन:

सराय काले खां दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, साउथ कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, न्यू भदौही और वाराणसी। लखनऊ और अयोध्या के लिए 135 किमी. की कनेक्टिंग लाइन भी शामिल है।

 



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