: गर्मियों में हमारे इलेक्ट्रॉनिक समानों के साथ कार में भी कई समस्याएं होने लगती हैं। कई बार तो कार का वाइपर अचानक चलने पर शीशे (विंडशील्ड) से रगड़ खाकर चर-चर की अजीब आवाज करने लगता है। यह आवाज न सिर्फ कान को चुभती है बल्कि शीशे पर स्क्रैच भी डाल सकती है। ऐसे में कई बार कार मालिक बिना सोचे-समझे सीधे दुकान पर जाते हैं और नया वाइपर खरीद लेते हैं, जिससे उनकी जेब पर फालतू का खर्च पड़ता है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इस समस्या को ठीक करने के लिए एक छोटी सी और आसान ट्रिक भी काम कर सकती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो नया वाइपर खरीदने की जल्दबाजी करने के बजाय इस लेख में बताए गए आसान से टिप्स को जरूर फॉलो करें।
आखिर क्यों आती है वाइपर से आवाज?
दरअसल, तेज गर्मी और सीधी धूप की वजह से वाइपर ब्लेड पर लगा रबर कड़ा हो जाता है या फिर उस पर धूल-मिट्टी की एक सख्त परत जम जाती है। इसी वजह से जब वाइपर चलता है, तो वह स्मूथली फिसलने के बजाय आवाज करने लगता है।
घर बैठें इन नुस्के से ठीक करें अपने कार का वाइपर
- सफाई: नया वाइपर ब्लेड खरीदने से पहले अपने वाइपर को ऊपर उठाएं। एक साफ और मुलायम सूती कपड़े को थोड़े से पानी या हल्के शैम्पू के घोल में भिगोएं। अब इस कपड़े से वाइपर के रबर ब्लेड को ऊपर से नीचे की तरफ अच्छी तरह पोंछें। आप देखेंगे कि रबर पर जमी काली धूल और गंदगी साफ हो जाएगी, जिससे रबर दोबारा सॉफ्ट हो जाएगा और आवाज आना बंद हो जाएगी।
- विंडशील्ड को रखें साफ: कई बार वाइपर नहीं, बल्कि कार के शीशे पर जमी सूखी धूल इस आवाज की वजह होती है। इसलिए कार चलाने से पहले विंडशील्ड को हमेशा साफ रखें।
- वाइपर फ्लूइड का इस्तेमाल: जब भी गर्मी में वाइपर चलाएं, तो हमेशा वाशर का इस्तेमाल करके पानी की बौछार के साथ ही चलाएं। क्योंकि सूखे शीशे पर वाइपर चलाने से आवाज और खराबी दोनों बढ़ती है।
ये उपाय भी आजमाएं
कई कार केयर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर इससे न ठीक हो तो थोड़ी सी वैसलीन लगाकर ट्राई करें, इससे वाइपर रबड़ कुछ समय के लिए फिर से सॉफ्ट हो सकती है। इससे वाइपर की मूवमेंट स्मूद महसूस होती है और आवाज भी कम हो सकती है।
ऐसे करें इस्तेमाल
- सबसे पहले माइक्रोफाइबर कपड़े से वाइपर ब्लेड अच्छी तरह साफ करें।
- धूल और गंदगी पूरी तरह हटाएं।
- अब बहुत कम मात्रा में वैसलीन उंगली या कपड़े की मदद से रबड़ पर लगाएं।
- ज्यादा वैसलीन न लगाएं, वरना विंडशील्ड पर दाग पड़ सकते हैं।
- कुछ मिनट बाद सूखे कपड़े से अतिरिक्त वैसलीन साफ कर दें।
- इसके बाद वाइपर चलाकर चेक करें।
- अगर रबड़ ज्यादा खराब नहीं हुई है तो वाइपर पहले से बेहतर तरीके से काम कर सकता है।
किन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है यह तरीका?
यह तरीका खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिनकी कार लंबे समय तक खुले में या धूप में पार्क रहती है। गर्म इलाकों में वाइपर जल्दी हार्ड हो जाते हैं, ऐसे में वैसलीन अस्थायी राहत दे सकती है। हालांकि यह स्थायी समाधान नहीं है। अगर रबड़ बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है तो नया वाइपर ही बेहतर विकल्प रहेगा।
कब बदल देना चाहिए वाइपर?
अगर वाइपर चलाने पर कांच पर लाइनें बन रही हों, तेज आवाज आ रही हो, रबड़ फट चुकी हो और पानी सही से साफ न हो रहा हो, तो सिर्फ वैसलीन लगाने से फायदा नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में नया वाइपर लगवाना जरूरी हो जाता है।
कितने समय में बदलने चाहिए वाइपर?
कार एक्सपर्ट्स के अनुसार सामान्य तौर पर 1 से 2 साल के भीतर वाइपर बदल देना चाहिए। गर्म और धूप वाले इलाकों में यह समय और कम हो सकता है क्योंकि वहां रबड़ तेजी से खराब होती है।
वाइपर को लंबे समय तक सही रखने के आसान टिप्स
- कार को लंबे समय तक सीधे धूप में पार्क करने से बचें।
- सनशेड या कार कवर का इस्तेमाल करें।
- समय-समय पर वाइपर ब्लेड साफ करते रहें।
- बारिश शुरू होने से पहले वाइपर की स्थिति जरूर जांच लें।
- विंडशील्ड को हमेशा साफ रखें ताकि रबड़ पर कम दबाव पड़े।
