CMS school van accident: 8 passenger capacity, 12 children were loaded, this could be the reason for tire burs

हादसे के समय क्षमता से अधिक भरी थी वैन।
– फोटो : अमर उजाला

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 शहीद पथ पर हादसे का शिकार हुई सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) गोमतीनगर विस्तार शाखा के बच्चों को ले जा रही प्राइवेट वैन में क्षमता से अधिक बच्चे भरे थे। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के मुताबिक वैन में 8 बच्चे बिठाए जा सकते हैं। पर, दुर्घटनाग्रस्त वैन में 12 बच्चे सवार थे।

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हादसा होने के बाद वैन में बच्चों की संख्या को लेकर सवाल उठने लगे। स्कूल के जन संपर्क अधिकारी ऋषि खन्ना ने बयान जारी कर कहा कि हादसे का शिकार हुई वैन सीएमएस की नहीं थी। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वैन में आठ बच्चे थे। जबकि गिरफ्तार वैन चालक शिवम राज बहादुर ने कैमरे पर कहा कि वैन में 12 बच्चे थे। यानी चालक समेत कुल 13 लोग सवार थे। 

तो साल भर से वह कैसे ढो रहा था बच्चों को

मामले में दूसरा सवाल चालक को लेकर है। आरोपी चालक शिवम राज बहादुर का ड्राइविंग लाइसेंस इसी साल 21 फरवरी को बना। इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी अंजनी कुमार मिश्रा और अभिभावकों का कहना है शिवम राज बहादुर बच्चों को एक साल से स्कूल ले जा रहा था। एक घायल छात्र के रिश्तेदार खुर्दही बाजार निवासी लखनऊ व्यापार मंडल के उपमंत्री राजू शुक्ला ने बताया कि चालक अक्सर वैन बदलकर लाता था।यानी उसके पास जब ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था तब भी वह वैन चला रहा था। आखिर वैन मालिक माढ़रमऊ निवासी जितेंद्र कुमार उससे कैसे वैन चलवा रहा था? डीसीपी साउथ टीएस सिंह ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के लिए आरटीओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वैन मालिक से भी पूछताछ होगी।

बच्चों को आईं चोटें और उनकी हालत

खुर्दही बाजार निवासी कक्षा चार की छात्रा आराध्या यादव (9) मेदांता अस्पताल में भर्ती है। उसकी हालत गंभीर है। वह वेंटिलेटर पर है।मंदाकिनी एन्क्लेव निवासी कक्षा 9 की छात्रा माही मौर्य (14) को परिजन मेदांता अस्पताल से ले गए। वीरमपुर निवासी कक्षा 3 की छात्रा नंदिनी (9) को सिर पर चोट आई है। वह लोहिया संस्थान में भर्ती है। जबकि कक्षा एक में पढ़ने वाले उसके भाई अर्थ कनौजिया को मामूली चोट आई थी। उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।खुर्दही बाजार निवासी कक्षा 10 के छात्र सार्थक शुक्ला (15) को मामूली चोट आई थी। सार्थक को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। खुर्दही बाजार के ही कक्षा 10 के छात्र आशुतोष गुप्ता(15) के कंधे की हड्डी टूटी है। उसे उपचार देकर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

ये वजहें हो सकती हैं टायर फटने की

टायर फटने की वजहों की बात करें तो आम तौर पर टायर की खराब हालत और मानक से ज्यादा हवा भरे जाने पर ऐसी घटनाएं होती हैं। ड्राइवर की लापरवाही, ओवरस्पीडिंग और सड़क पर पड़ी कोई नुकीली चीज भी टायर फटने की बड़ी वजह बन जाती है।- सुमित कुमार श्रीवास्तव, वैज्ञानिक अधिकारी, उप्र.विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद



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