बख्शी का तालाब। महिगवां के रमपुरवा गांव निवासी सौरभ की केरल में हुई मौत के मामले में रविवार को कुम्हरावां चौराहे पर प्रदर्शन हुआ। करीब तीन सौ लोगों और घरवालों ने सरकारी खर्च पर सौरभ का शव लाने की मांग की। सपा जिपं सदस्य अरुण रावत और ममता सिंह ने इस प्रदर्शन की अगुवाई की।
प्रदर्शनकारियों ने सौरभ के साथियों की गिरफ्तारी की भी मांग की। सौरभ की मां मनोरमा, छोटे बेटे गौरव और बहू भी इसमें शामिल थे। हंगामे के कारण बाराबंकी से फैजाबाद और गोरखपुर जाने वाली सड़क पर जाम लग गया। विधायक योगेश शुक्ला और एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। सरकारी खर्च पर हवाई जहाज से शव लाने के आश्वासन के बाद घरवाले माने। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। इंस्पेक्टर राम कुमार गुप्ता ने बताया कि सौरभ के साथी बाराबंकी के पिलेहटी निवासी अखिलेश, उसके भाई कमलेश और प्रीति को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
चौराहे पर लगा जाम, फंसे लोग
प्रदर्शन के कारण बाराबंकी से इटौंजा, कुर्सी, बख्शी का तालाब, फैजाबाद, बाराबंकी और गोरखपुर जाने वाली रोड जाम हो गई। चार घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। हंगामे के बाद पुलिस ने ट्रैफिक कर्मियों की मदद से किसी तरह यातायात सामान्य कराया।
ये है मामला
10 अप्रैल को सौरभ अपने साथियों अखिलेश, कमलेश, प्रीति और दो अन्य के साथ काम की तलाश में केरल गए थे। वहीं उनकी मौत हो गई थी। सौरभ की मां ने सभी साथियों पर चलती ट्रेन से धक्का देकर हत्या करने का आरोप लगाया है।

कुम्हरावां चाैराहे पर रस्सी बांधकर सड़क जाम करते ग्रामीणों को समझाते पुलिस अधिकारी।

कुम्हरावां चाैराहे पर रस्सी बांधकर सड़क जाम करते ग्रामीणों को समझाते पुलिस अधिकारी।

कुम्हरावां चाैराहे पर रस्सी बांधकर सड़क जाम करते ग्रामीणों को समझाते पुलिस अधिकारी।
