संवाद न्यूज एजेंसी मड़ावरा (ललितपुर)। जनपद के नोडल अधिकारी व सीईओ बीडा अमृत त्रिपाठी शुक्रवार को आकांक्षी विकासखंड मड़ावरा में तहसील कार्यालय व ग्राम खिरियालटकंजू, सौंरई का औचक निरीक्षण किया। खिरियालटकंजू में गंदगी, जलभराव आदि पाए जाने एवं सफाई कर्मी के मौके पर न होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सफाई कर्मी को निलंबित करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम अक्षय त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
नोडल अधिकारी ने नवीन तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया। उप जिलाधिकारी कक्ष में जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। उप जिलाधिकारी से आईजीआरएस पोर्टल पर विगत 7 दिवसों के निस्तारण की आख्या तलब की। नोडल अधिकारी जनशिकायतों के निस्तारण से असंतुष्ट दिखे।
उन्होंने फसल क्षति की शिकायत का संज्ञान लेकर संबंधित किसान से दूरभाष पर वार्ता की। किसान ने क्षति के सापेक्ष राहत राशि न मिलने की बात कही। उन्होंने उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि व्यक्तिगत रूप से उक्त किसान की फसल क्षति का सत्यापन करें और शिकायत का निस्तारण कराएं।
तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के बस्तों पर जाकर वादकारियों को सुना। मनोज जैन ने बताया कि दाखिल-खारिज समय से नहीं होता है। किसी भी रिपोर्ट के लिए महीनों फाइल तहसील में पड़ी रहती है। खतौनी में गलत बंटवारे किए जा रहे हैं। विरासत के मुकदमे अदम पैरवी में खारिज होने की शिकायतों पर एडीएम वित्त एवं राजस्व से समस्त मुकदमों की जांच करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बताया कि धारा 34 के मुकदमों में निरंतर तिथियां दी जा रही हैं। उप जिलाधिकारी से कहा कि वह बार-बार तारीख दिए जाने का कारण स्पष्ट करें।
नोडल अधिकारी ग्राम सौंरई पहुंचे। यहां उन्होंने घर-घर जाकर ग्रामीण परिवारों, बच्चों व महिलाओं से शासन की विभिन्न योजनाओं की स्थिति जानी। बालिका प्रीति वर्मा से स्कूल में मिलने वाली आयरन की टैबलेट के बारे में पूछा तो बालिका ने टैबलेट न मिलने की बात कही। नोडल अधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि सर्वे कराकर बालिकाओं को आयरन की टैबलेट उपलब्ध कराएं।
अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पुष्टाहार कभी मिलता है और कभी नहीं मिलता। सीडीओ को निर्देश दिए कि प्रत्येक अधिकारी को 10-10 गांव आवंटित कर घर-घर सर्वे कराएं और योजनाओं के आच्छादन का सत्यापन कर रिपोर्ट दें।
