रोज जिला अस्पताल में एआरवी लगवाने पहुंच रहे 125 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। भीषण गर्मी के इस मौसम में कुत्ते खूंखार होने लगे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि बीते एक महीने (22 अप्रैल से 22 मई तक) कुत्ते 3700 लोगों पर हमला कर चुके हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे 125 लोग आ रहे हैं, जिन्हें कुत्तों ने जख्मी कर दिया है। इन लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन दी जा रही है।
22 अप्रैल से जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान बढ़ने से कुत्ते गुस्सैल हो रहे हैं। गुस्सैल हो रहे कुत्ते लगातार लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। बीते एक महीने में जिला अस्पताल में 3700 लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे हैं। बृहस्पतिवार को ही 125 लोग कुत्ते के काटने के बाद इलाज कराने अस्पताल आए। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में आए नगरा के मोहित कुमार ने बताया कि घर के बाहर बैठे कुत्ते ने उनके पैर में काट लिया। अस्पताल में वैक्सीन लगवाने पहुंचे पिछोर के रवि यादव ने बताया कि 20 मई को रात में वह आवास विकास कॉलोनी से लौट रहे थे। इस दौरान कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। एक कुत्ते ने उनको काट लिया। सीपरी बाजार निवासी नेहा ने बताया कि बाजार से लौटते वक्त एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार बताते हैं कि कुत्तों को भीषण गर्मी में भी पसीना नहीं आता है। इसलिए वह पानी और गीली मिट्टी में बैठते हैं और मुंह खोलकर हवा से अपना शरीर ठंडा रखने का प्रयास करते हैं। गर्मी में सड़क पर घूमने वाले कुत्ते ऐसा स्थान ढूंढते हैं, जहां उन्हें राहत मिल सके। लेकिन, कई बार लोग उन्हें भगाते या छेड़ते हैं, तो वह उग्र होकर लोगों पर हमला कर दे रहे हैं। वह बताते हैं कि कुत्ते को छेड़ें नहीं और उनके लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था भी कर दें।
पालतू कुत्ते भी हो रहे हमलावर
घरों में पाले जाने वाले कुत्ते भी गर्मी से बेहाल होकर हमलावर हो रहे हैं। पशु चिकित्सक बताते हैं कि गर्मी में लोग पालतू कुत्तों की अतिरिक्त देखभाल करते हैं। कुत्ता जब दिन में भोजन नहीं करता तो लोग चिंता में उन्हें जबरन खिलाने लग जाते हैं, जो कुत्तों के आक्रामक होने का कारण बन जाता है। पशु चिकित्सक बताते हैं कि कुत्तों को गर्मी से बचाने के लिए रोज न नहलाएं। सबसे अच्छा तरीका यह है कि टाट का बोरा गीला कर कुत्ते के बैठने के स्थान पर रख दें, जिस पर कुत्ता आसानी से बैठ जाएगा और गर्मी से भी राहत मिलेगी। साथ ही कुत्तों को हाई प्रोटीन और फैट युक्त भोजन न दें। इससे उनके शरीर का तापमान और बढ़ेगा, जिससे वह गुस्सैल हो सकते हैं। इसके स्थान पर दूध, दही, मट्ठा जैसे तरल पदार्थ ही दें।
नगर निगम को दें जानकारी
गर्मी में कई बार कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। इनमें भी घरेलू पालतू कुत्ते ही अधिक काटते हैं। हम संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए सड़क और गली मोहल्लों में रहने वाले कुत्तों का वैक्सीनेशन कर रहे हैं। लोगों से भी अपेक्षा है कि वह कुत्तों को परेशान न करें। यदि कोई कुत्ता बार-बार लोगों पर हमला कर रहा है तो उसकी जानकारी नगर निगम को दें।
डॉ. राघवेंद्र सिंह, पशु कल्याण चिकित्सा अधिकारी।
गर्मी में कुत्तों के काटने से बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने की व्यवस्था चौबीस घंटे उपलब्ध है। दोपहर दो बजे तक वैक्सीन खिड़की पर पंजीकरण के साथ वैक्सीन लगाई जा रही है, तो दूसरे पहर में इमरजेंसी विभाग में वैक्सीन की सुविधा है।
डॉ. प्रमोद कुमार कटियार, मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक।
