{“_id”:”671d5746fe4e9137b7042451″,”slug”:”earthing-work-in-blood-separation-unit-completed-trial-begins-orai-news-c-224-1-ori1005-121515-2024-10-27″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: ब्लड सेपरेशन यूनिट में अर्थिंग का काम पूरा, ट्रायल शुरू”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

उरई। जिला अस्पताल में ब्लड सेपरेशन यूनिट में अर्थिंग का काम पूरा हो गया है। इसके बाद स्टाफ ने प्लेटलेट्स बनाने का ट्रायल भी किया, जो सफल रहा। स्टाफ का दावा है कि अब कभी भी उद्घाटन कराया जा सकता है। हालांकि ठेकेदार ने एक पेंच लगा दिया कि अर्थिंग की समस्या ट्रांसफार्मर से भी है। अभी उसने अस्थायी काम किया है। स्थायी काम के लिए ट्रांसफार्मर से बेहतर सप्लाई दी जाए तो समस्या नहीं होगी।

बता दें कि जिला अस्पताल की ब्लड सेपरेशन यूनिट का काम 30 मार्च 2022 तक पूरा होना था पर काम में देरी हुई। 14 मई 2023 को इसका लाइसेंस भी जारी कर दिया गया, लेकिन बिजली का काम अधूरा होने के कारण यूनिट का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। बिजली ठेकेदार की लापरवाही से मरीजों का नुकसान हो रहा था। मरीज प्राइवेट में महंगा इलाज कराने को मजबूर हैं।

इस ठेकेदार के खिलाफ डीएम राजेश कुमार पांडेय भी कार्रवाई की संस्तुति कर चुके हैं तब भी इसी ठेकेदार को लगातार काम दिया जा रहा है। इस ठेकेदार का एक बार फिर से नवीनीकरण कर दिया गया है। इस मामले को अमर उजाला ने अभियान चलाकर प्रकाशित किया था। इसे संज्ञान में लेकर डीएम व सीएमओ ने तत्काल काम पूरा करने और ब्लड सेपरेशन यूनिट का संचालन शुरू करने को कहा था। इसके बाद ठेकेदार ने अर्थिंग का काम किया। अब यूनिट में पांच से कम वोल्टेज आ रहा है। हालांकि ठेकेदार का कहना है कि उसने अस्थायी काम किया है। ट्रांसफार्मर से जब तक समस्या सही नहीं होगी, तब तक यूनिट का संचालन में कभी भी दिक्कत आ सकती है।

पहले भी हो चुका ट्रायल

ब्लड सेपरेशन यूनिट को चलाने के लिए तीन जुलाई को ट्रायल शुरू किया गया था। 19 जुलाई तक आरबीसी का काम हुआ। इस पर बिजली के वोल्टेज की समस्या को लेकर मशीन खराब हो गई। इंजीनियर ने आकर मशीन ठीक की। इसके बाद 14 अगस्त को जैसी ही काम शुरू हुआ तो फिर से मशीन में वोल्टेज के कारण खराबी आ गई। इस बार इंजीनियर ने हिदायत दी कि अबकी बार खराब होने पर उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। तबसे से काम ठप था। यूनिट के प्रभारी भी कई बार ठेकेदार से अनुरोध कर चुके थे और लिखित एवं मौखिक रुप से अवगत करा चुके थे लेकिन समस्या दूर नहीं हुई थी। अमर उजाला की पहल के बाद यूनिट का संचालन शुरू हो गया है।

वर्जन

ब्लड सेपरेशन यूनिट का संचालन बिजली की समस्या से अटका हुआ था। ठेकेदार ने काम पूरा कर दिया है। हालांकि ठेकेदार ने ट्रांसफार्मर से जुड़ी समस्या दूर कराने का अनुरोध किया है। ट्रायल के बाद मशीनें काम कर रही है। करीब 30 प्लेटलेट्स तैयार की गई है।

डॉ.सौरभ, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल



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