इटावा। जिले में दौड़ रहे अनफिट स्कूली वाहनों पर लगाम लगाना एआरटीओ विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। 11 से 25 अगस्त तक चलने वाले मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के नौ दिन बीतने के बाद भी विभाग 930 वाहनों में से 225 वाहनों की ही जांच कर पाया है। यानी अभी तक सिर्फ 24 प्रतिशत वाहनों की ही जांच हुई है। इनमें 132 वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर 20 वाहनों को सीज किया गया है। वहीं, बचे हुए छह दिनों में 76 प्रतिशत वाहनों की मानक के अनुरूप जांच करना विभाग के लिए चुनाैती होगा। एआरटीओ विभाग की यही हीलाहवाली हर साल स्कूली वाहनों के हादसों की वजह बनती है।
जिले में सीबीएसई, यूपी बोर्ड के लगभग 700 स्कूल, कॉलेज पंजीकृत हैं। अधिकांश में छात्र-छात्राओं को वाहन की सुविधा देने के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। यदि कुछ नामी विद्यालयों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश के स्कूल, कॉलेजों में लगे वाहन मानक के अनुरूप नहीं हैं। विभाग पूरे साल आंख मूंदे रहा। शासन के आदेश पर अब विभाग ने अभियान शुरू किया है।
सिविल लाइंस थाना के पास स्थित एक स्कूल के पास दोपहर एक बजे छुट्टी के समय 15 से 20 ई-रिक्शा लग जाते हैं। एक ई-रिक्शा में छह सवारियाें को बैठाने का मानक है। इसमें नौ से 10 स्कूली बच्चों को ठूंसकर बिठाया जाता है। कई बार चलने वाले अभियान के बाद भी इन ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई नहीं की जाती है, इस कारण आए दिन हादसे होते हैं।
शहर के नौरंगाबाद चौराहे के पास पुलिस कर्मियों की ड्यूटी रहती है। स्कूल की छुट्टी के समय इस मार्ग से 30 से अधिक ई-रिक्शा बच्चों को लेकर गुजरते हैं। इस दौरान ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक स्कूली बच्चे भरे होते हैं। इसके बाद भी ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई नहीं होती है। असुरक्षित वाहनों में बेढंगे तरीके से बच्चाें को ढोया जा रहा है।
अभयराम यादव बालिका विद्यालय, आदर्श बाल विकास शिक्षा संत, आदर्श कन्या जू. हाईस्कूल, अत्योदय इंटर काॅलेज, अशोक मेडिकेयर एंड रिसर्च फांउडेशन, अशित एजूकेशन एकेडमी, बाह पब्लिक स्कूल, ब्लू बर्ड इंटर काॅलेज, बोहरे सालीग्राम शाह उ.मा. विद्यालय, चौधरी जसवंत सिंह महाविद्यालय, डीके इंटरनेशनल स्कूल, डी.आर ग्लोबल एकेडमी, दीपश्री सूर्यकांत विद्यालय, डाइमंड ड्रिल ग्वोबल एकेडमी, यूरो एकेडमी, जीएस कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल, गौतम बुद्ध एकेडमी, ज्ञानस्थली एकेडमी, ज्ञानवती मेमोरियल, एचएन पब्लिक स्कूल, हैपी डेज इंटर कॉलेज, हैरीटेज ग्वोबल स्कूल, जेएमएस पब्लिक स्कूल, आरएस एजूकेशन सोसाइटी, राधा-कृष्ण एकेडमी, सैनिक स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर, शांति गर्ल्स पब्लिक स्कूल के तीन, विजय इंटरनेशनल स्कूल आदि को नोटिस दी गई है।
एआटीओ प्रवर्तन हुमा परवीन ने बताया कि शासन के निर्देश पर 11 से 25 तक अभियान चलाकर स्कूली वाहनों को चेक किया जा रहा है। अभी तक 132 स्कूली वाहनों को अनफिट पाया गया है। इसमें अधिकतर में दूसरा इमरजेंसी गेट, जाली न होना, पुराने टायर, धुआं देना, वाहन प्रदूषण न मिलना आदि कमी पाई गईं। वाहन संचालक को 25 अगस्त तक समय दिया गया है, इसके बाद उनकी आरसी निरस्त कर दी जाएगी। निरीक्षण में अगर वह स्कूली वाहन चलता हुआ मिलता है तो मान्यता समाप्त करने के लिए डीएम को पत्राचार किया जाएगा।
एक नजर में आंकड़े
कुल पंजीकृत स्कूली वाहन- 930
जांच में अनफिट मिले वाहन-132
सीज किए गए वाहनों की संख्या-20
कुल वाहनों का किया गया चालान-58
बीते वर्षों में हादसाग्रस्त स्कूली वाहन
– 18 नवंबर 2025 इटावा शहर बच्चों से भरी स्कूल बस अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन कई बच्चे बाल-बाल बच गए।
– 17 अक्तूबर 2023 ऊसराहार-समथर मार्ग पर एक निजी स्कूल की मारुति वैन तेज रफ्तार और फिसलन के कारण पलट गई। 17 बच्चे घायल हो गए थे।
– सितंबर 2017 में चालक के नशे में होने के कारण स्कूल बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। 12 छात्र गंभीर रूप से घायल हुए थे।
वर्जन
मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के तहत स्कूली वाहनों को लगातार चेक किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक छोटे-बड़े वाहनों को चेक किया जा रहा है। इसमें स्कूलों वाहनों में कमियां मिलने पर उन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। स्टाफ की कमी से अभियान में तेजी नहीं आ रही है। जल्द ही छूट गए स्कूलों को निर्धारित समय तक चेक कर लिया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर वाहन चालकों पर कार्रवाई होगी।
-हुमा परवीन, एआरटीओ प्रवर्तन
