इटावा। आगामी त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश स्तर पर शुरू किए गए शुद्ध ही शुभ है अभियान के तहत अब जिले के बड़े मिलावटखोरों को भी चिन्हित किया जाएगा। उनके कारनामों से आम लोगों को परिचित कराने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग और पोस्टर लगाए जाएंगे। इसके लिए वर्ष 2017 से अब तक के आंकड़ों के आधार पर प्रमुख मिलावटखोरों को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। निर्धारित स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद होर्डिंग लगाए जाएंगे। गिरोह बनाकर मिलावट करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जा सकेगी।
सहायक आयुक्त खाद्य राजेश द्विवेदी ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार को न्यायालयों में पैरवी का नोडल बनाया है। रविभान सिंह व राघवेंद्र प्रताप वर्मा की ड्यूटी एसीजेएम न्यायालय और जयपाल सिंह व राकेश कुमार की न्याय निर्णायक अधिकारी न्यायालय में लगाई गई है। पिछले सप्ताह दूध मिलावट के मामले में सलेमपुर निवासी अशोक कुमार सविता और शिवराज सिंह सविता को एक-एक साल की सजा हुई। उन्होंने बताया कि मई में रामलीला रोड स्थित एक गोदाम पर टीम से अभद्रता के बाद सीज किए गए करीब 2500 लीटर राइस ब्रान ऑयल की जांच में एसिड वैल्यू मानक 0.5 के मुकाबले 3.7 प्रतिशत मिली और रैंसिडिटी पॉजिटिव मिली। जो शरीर के लिए काफी हानिकारक है। प्रतिष्ठान में स्टॉक रिकॉर्ड, पैकिंग मशीन और लैब नहीं मिली, जबकि खाली टीन मिले थे। जिसके कारण लाइसेंस मई में आंशिक और जुलाई में पूरी तरह निलंबित कर दिया गया है।
